रेलवे सर्वे पर किसानों का विरोध, मुआवजा स्पष्ट नहीं होने से बढ़ा आक्रोश

पुरई में सर्वे टीम का घेराव, पुलिस हस्तक्षेप के बाद कुछ ग्रामीणों को थाने ले जाया गया

रेलवे सर्वे पर किसानों का विरोध, मुआवजा स्पष्ट नहीं होने से बढ़ा आक्रोश

भिलाई। भिलाई के समीप पुरई गांव में प्रस्तावित खरसिया-नवा रायपुर-परमालकसा रेल लाइन के सर्वे कार्य के दौरान मुआवजा को लेकर नाराज किसानों का विरोध सामने आया। स्थिति तनावपूर्ण होने पर उतई पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

भिलाई। खरसिया-नवा रायपुर-परमालकसा के बीच प्रस्तावित नई रेलवे लाइन परियोजना का सर्वे कार्य सोमवार से दुर्ग जिले में शुरू हुआ। करीब 18 हजार 658 करोड़ रुपए की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत जिले के लगभग 14 गांवों की भूमि अधिग्रहित की जानी है।

इसी कड़ी में राजस्व, रेलवे और अन्य विभागों की संयुक्त टीम जब पटवारी हल्का नंबर 54 अंतर्गत पुरई गांव पहुंची, तो वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान एकत्र हो गए। सर्वे कार्य शुरू होते ही किसानों ने मुआवजा संबंधी स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने पर विरोध जताया।

ग्रामीणों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के बदले मिलने वाली राशि और शर्तों को लेकर प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई है। इससे उनमें असंतोष बढ़ता जा रहा है।

किसानों ने अपनी मांगों को लेकर पहले ही बैठक आयोजित कर प्रशासन को अवगत कराया है। उन्होंने भू-अर्जन अधिनियम के तहत चार गुना मुआवजा देने, प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य को रेलवे में नौकरी देने तथा मुआवजा हेक्टेयर के बजाय वर्गफीट के आधार पर निर्धारित करने की मांग रखी है।

ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सहमति नहीं बनती, तब तक सर्वे कार्य नहीं होने दिया जाएगा।

स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद पुलिस बल को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने कुछ ग्रामीणों को समझाइश देने के बाद उन्हें वाहन में बैठाकर उतई थाने ले गई, जिससे माहौल को नियंत्रित किया जा सका।

फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन मुआवजा को लेकर असमंजस बना हुआ है, जिससे आगे भी विरोध की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।