25 दिन बाद फिर शुरू हुई ऑनलाइन टैक्स जमा व्यवस्था, 30 जून तक मिलेगी 6.25% की छूट
जीआईएस आधारित ऑनलाइन संपत्ति कर प्रणाली को पुनः प्रारंभ किया जा रहा है। इसके अंतर्गत अब शहर के संपत्तिधारक संपत्ति कर ऑनलाइन जमा कर सकेंगे।
पिछले 25 दिनों से बकाया प्रापर्टी टैक्स हो या फिर वित्तीय वर्ष 2026-27 का नगर निगम में जमा नहीं हो रहा था। क्योंकि जीआईएस आधारित ऑनलाइन सिस्टम को अपडेट किया जा रहा है। जिसे निगम प्रशासन ने अब 27 मई से शुरू करने जा रहा है। इस दौरान 30 जून तक संपत्ति कर जमा करने पर 6.25 प्रतिशत छूट देने का फैसला लिया गया है।
घर बैठे कर सकते हैं ऑनलाइन भुगतान
नगर निगम राजस्व विभाग के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जीआईएस आधारित ऑनलाइन संपत्ति कर प्रणाली को पुनः प्रारंभ किया जा रहा है। इसके अंतर्गत अब शहर के संपत्तिधारक संपत्ति कर ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। साथ ही, बकाएदार भी अपने लंबित संपत्ति कर एवं संबंधित देयों का समय पर भुगतान अधिक सुगम, पारदर्शी एवं सुविधाजनक ऑनलाइन भुगतान घर बैठे कर सकते हैं। बता दें कि इस वित्तीय वर्ष के लिए निगम प्रशासन ने 400 करोड़ राजस्व अर्जित करने का टारगेट तय किया है, लेकिन पिछले साल का टारगेट पूरा नहीं कर पाया है।
वाट्सऐप चैटबॉट सेवा शुरू
वाट्सऐप चैटबॉट सेवा-91 93019 53298 की भी सुविधा नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट https://mcraipur.in/ के माध्यम से घर बैठे आसानी से संपत्ति कर जमा कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त "मोर रायपुर" मोबाइल ऐप एवं नगर निगम की वाट्सऐप चैटबॉट सेवा-91 93019 53298 की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ताकि लोगों को नगर निगम और जोन कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
आज एमआईसी की बैठक में होगी यूजर चार्ज पर चर्चा
महापौर मीनल चौबे की अध्यक्षता में बुधवार को सुबह 11.30 बजे निगम मुख्यालय में एमआईसी की बैठक होगी। इसमें जलभराव की समस्या, नालों की सफाई, स्वच्छता सर्वेक्षण से लेकर हर साल बढ़ने वाले यूजर चार्ज सहित संपत्ति कर बकाया वसूली सहित अनेक मुद्दों पर चर्चा होगी और एजेंडे स्वीकृत किए जाएंगे।
बकायेदारों को भी राहत
ऑनलाइन सिस्टम शुरू होने के बाद वे लोग भी राहत महसूस करेंगे जिनका संपत्ति कर लंबे समय से बकाया था। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पुराने बकाया कर, पेनल्टी और अन्य देयों का भुगतान भी अब ऑनलाइन माध्यम से आसानी से किया जा सकेगा। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था लागू होने से राजस्व वसूली में तेजी आएगी और बकाया राशि की रिकवरी भी आसान होगी।
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