RTI नियमों की अनदेखी पर घिरा रायपुर नगर निगम, अवलोकन के नाम पर अवैध वसूली के आरोप
‘पहला घंटा निःशुल्क’ प्रावधान दरकिनार, आवेदकों से 50 रुपए वसूले जा रहे; मानव अधिकार आयोग ने उठाए सवाल
रायपुर नगर निगम एक बार फिर विवादों में है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत दस्तावेजों के अवलोकन के लिए निर्धारित नियमों की अनदेखी करते हुए आवेदकों से अवैध वसूली किए जाने का आरोप लगा है। इस मामले को लेकर अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संरक्षण आयोग ने शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
रायपुर। राजधानी के नगर निगम पर सूचना के अधिकार अधिनियम के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगे हैं। अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संरक्षण आयोग के प्रदेश महासचिव प्रदुमन शर्मा ने निगम प्रशासन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि RTI आवेदकों से दस्तावेजों के अवलोकन के लिए अवैध रूप से 50 रुपये वसूले जा रहे हैं।
शिकायत के अनुसार, छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्पष्ट निर्देशों में यह प्रावधान है कि अभिलेखों के अवलोकन का पहला घंटा पूरी तरह निःशुल्क होगा। इसके बाद ही प्रति 15 मिनट के हिसाब से 5 रुपये शुल्क लिया जा सकता है। बावजूद इसके निगम में सीधे 50 रुपये की वसूली की जा रही है, जो नियमों के विपरीत है।
प्रदुमन शर्मा ने इसे न केवल नियमों का उल्लंघन, बल्कि पद के दुरुपयोग और संगठित भ्रष्टाचार का उदाहरण बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में जन सूचना अधिकारी समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराते, जिससे आवेदकों को प्रथम अपील के लिए मजबूर होना पड़ता है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रथम अपील के बाद भी महीनों तक जानकारी नहीं दी जाती, जिससे आवेदकों को मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान होना पड़ता है। इसे एक सुनियोजित प्रक्रिया बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे आम नागरिकों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।
आयोग ने मांग की है कि अवलोकन के नाम पर हो रही अवैध वसूली तत्काल बंद की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही निगम के सूचना पटलों पर शासन के नियमों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने की भी मांग की गई है।
चेतावनी दी गई है कि यदि इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं होती है, तो इसकी शिकायत राज्य सूचना आयोग और नगरीय प्रशासन विभाग तक पहुंचाई जाएगी।
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