चेतन हत्याकांड में अदालत का फैसला, तीन दोषियों को उम्रकैद

प्रेमिका के बुलावे पर मिलने गया था पुलिसकर्मी का बेटा, दिसंबर 2024 में हमले के बाद हुई थी मौत

चेतन हत्याकांड में अदालत का फैसला, तीन दोषियों को उम्रकैद

दुर्ग-भिलाई। दुर्ग में पुलिसकर्मी के बेटे चेतन साहू की हत्या के मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने 14 अक्टूबर 2026 को सुनाए फैसले में दोषियों पर अलग-अलग धाराओं के तहत अतिरिक्त कारावास और अर्थदंड भी लगाया। पुलिस जांच में सामने आया था कि प्रेम संबंधों में आई दूरी और दूसरे युवक से बढ़ती नजदीकियों के बीच चेतन को मिलने के लिए बुलाया गया था। इसी मुलाकात के दौरान उस पर हमला हुआ, जिसमें उसकी जान चली गई।

संबंधों में तनाव के बाद बढ़ा विवाद

चेतन साहू न्यू पुलिस लाइन, दुर्ग में रहता था। उसकी मां और रोशनी लकड़ा की मां पुलिस विभाग में आरक्षक थीं। इसी वजह से दोनों परिवारों का पुलिस लाइन में रहना हुआ और चेतन तथा रोशनी के बीच दोस्ती हो गई। बाद में रोशनी की मां का स्थानांतरण सरगुजा हो गया, जिसके बाद रोशनी भी उनके साथ चली गई। इस दौरान उसकी नजदीकियां एक अन्य युवक से बढ़ गईं।

पुलिस के अनुसार, चेतन लगातार रोशनी से संपर्क करने और मिलने का प्रयास कर रहा था। दिसंबर 2024 में रोशनी दुर्ग लौटी, तो फोन आने का सिलसिला फिर शुरू हो गया। इससे परेशान होकर उसने इसकी जानकारी अपने दूसरे प्रेमी को दी। इसके बाद चेतन को मिलने के लिए बुलाने की योजना बनाई गई।

रात में घेरकर की गई मारपीट

29 दिसंबर 2024 की रात करीब 8:30 बजे चेतन कसारीडीह सिविल लाइन स्थित क्वार्टर के पास पहुंचा था। आयुष्मान अस्पताल के नजदीक उस पर लाठी-डंडों और अन्य घातक हथियारों से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल चेतन की मौत हो गई। मामले की सूचना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और संदिग्धों से पूछताछ की।

जांच के दौरान रोशनी लकड़ा, आकाश देशलहरा और कुलेश्वर साहू के साथ तीन नाबालिगों को पकड़ा गया। पुलिस ने हत्या सहित भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की। विवेचना निरीक्षक केशव राम कोसले ने की थी।

अर्थदंड के साथ अन्य सजाएं भी

मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायालय, दुर्ग ने तीनों आरोपियों को दोषी माना। उपलब्ध सजा वारंट के मुताबिक, भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1)/190 और 61(2) के तहत आजीवन कारावास तथा 500-500 रुपये अर्थदंड लगाया गया। धारा 191(2) के तहत दो साल और धारा 191(3) तथा 118(1) के तहत तीन-तीन साल के कारावास की सजा भी सुनाई गई।

अदालत ने निर्देश दिया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। साथ ही, आरोपियों द्वारा न्यायिक अभिरक्षा में पहले बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। इस फैसले के साथ दिसंबर 2024 में हुए चेतन हत्याकांड के मामले में अदालत की सुनवाई पूरी हुई।