छत्तीसगढ़ को 15वें वित्त आयोग से 404 करोड़ की सौगात, नगरीय विकास को मिलेगी नई रफ्तार
छत्तीसगढ़ में वित्तीय वर्ष के अंतिम चरण में नगरीय प्रशासन विभाग ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए राज्य के शहरों के लिए 15वें वित्त आयोग की 404.66 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त की है।
छत्तीसगढ़ में वित्तीय वर्ष के अंतिम चरण में नगरीय प्रशासन विभाग ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए राज्य के शहरों के लिए 15वें वित्त आयोग की 404.66 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त की है। इस फंड से प्रदेश के नगरीय निकायों में विकास कार्यों को गति मिलने के साथ ही पेयजल और स्वच्छता सुविधाओं में सुधार होगा।
मिशन मोड में काम, मिला बड़ा फंड
वित्तीय वर्ष के आखिरी 48 घंटों में विभाग ने तेज गति से काम करते हुए यह राशि हासिल की। लगातार प्रयासों के चलते 30 मार्च 2026 को भारत सरकार से पहली किश्त के रूप में 202.33 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इसके बाद विभाग ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए राशि को नगरीय निकायों में ट्रांसफर कर दिया।
इस पूरी प्रक्रिया को बेहद तेजी से पूरा किया गया। कोषालय से राशि निकालने, निकायों को वितरित करने और ग्रांट ट्रांसफर सर्टिफिकेट (GTC) तैयार कर केंद्र को भेजने का काम मात्र 24 घंटे के भीतर पूरा कर लिया गया। यह प्रशासनिक दक्षता का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
तुरंत मिली दूसरी किश्त
समय सीमा में GTC प्रस्तुत करने के कारण राज्य को अगली किश्त के लिए पात्रता मिल गई। विभाग के बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई के चलते केंद्र सरकार ने 202.33 करोड़ रुपये की दूसरी किश्त भी तुरंत जारी कर दी। इस तरह कुल 404.66 करोड़ रुपये की राशि छत्तीसगढ़ को प्राप्त हुई।
केंद्र के साथ बेहतर समन्वय का मिला फायदा
इस सफलता के पीछे राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच बेहतर तालमेल अहम रहा। आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क और समन्वय के कारण फंड जारी होने की प्रक्रिया में तेजी आई। इस बड़ी राशि के मिलने से प्रदेश के नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। खासकर पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता व्यवस्था, सड़कों और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने में यह फंड अहम भूमिका निभाएगा।
जन सुविधाओं में होगा सुधार
इस फंड का सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा। शहरों में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर होगी, जल आपूर्ति मजबूत होगी और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार देखने को मिलेगा। इससे लोगों की जीवनशैली भी बेहतर होगी। राज्य सरकार नगरीय विकास को प्राथमिकता देते हुए तेजी से काम कर रही है। वित्तीय वर्ष के अंत में इस तरह की उपलब्धि यह दर्शाती है कि प्रशासनिक स्तर पर योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाई जा रही है।
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