छत्तीसगढ़ में एसआईआर: सिर्फ 5-6% मतदाताओं से ही मांगे जाएंगे दस्तावेज्

बीएलओ का मिलान प्रतिशत बढ़कर 94-95% पहुंचने की उम्मीद; हेल्पलाइन 1950 और कॉल रिक्वेस्ट से मिलेगी मदद

छत्तीसगढ़ में एसआईआर: सिर्फ 5-6% मतदाताओं से ही मांगे जाएंगे दस्तावेज्

छत्तीसगढ़ में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची से जुड़े कामों में बड़ी राहत मिलने वाली है। अधिकारियों का कहना है कि सूची के मिलान की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है, जिसके बाद केवल 5-6 प्रतिशत मतदाताओं से ही दस्तावेज मांगे जाएंगे। शेष मतदाताओं का सत्यापन बीएलओ द्वारा घर-घर सर्वे में पूरा हो जाएगा।

रायपुर। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची के मिलान कार्य में तेजी देखी जा रही है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, छत्तीसगढ़ के अनुसार वर्ष 2003 के एसआईआर को आधार मानकर किए जा रहे मिलान में अब तक लगभग 71 प्रतिशत मतदाताओं का डेटा बीएलओ द्वारा सत्यापित किया जा चुका है।

अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2003 से अब तक बड़ी संख्या में मतदाता स्थानांतरित हुए हैं और मतदान केंद्रों का परिसीमन भी हुआ है। ऐसे में घर-घर जाकर एन्यूमरेशन फेज पूरा करने पर यह प्रतिशत 10 से 15 प्रतिशत और बढ़ने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ की मतदाता सूची में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। अधिकारी बताते हैं कि विवाह और स्थान परिवर्तन के कारण 2003 के बाद कई महिला मतदाता अपने नए मतदान केंद्रों में जुड़ी हैं। एन्यूमरेशन फेज के दौरान 15-20 प्रतिशत महिला मतदाताओं का और सत्यापन होने की उम्मीद है। इस प्रकार सूची मिलान का कुल प्रतिशत 94-95 प्रतिशत तक पहुंच सकता है, जिसके बाद केवल शेष 5-6 प्रतिशत मतदाताओं से ही दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर प्रक्रिया को और अधिक सुगम व पारदर्शी बनाने के लिए कई नवाचार लागू किए गए हैं। मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हेल्पलाइन नंबर 1950 और बीएलओ कॉल रिक्वेस्ट सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर मतदाता इन माध्यमों से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।