ट्रांसपोर्ट से ट्रैवल्स तक नकदी का खेल! छत्तीसगढ़ में तीन कार्रवाइयों से खुला हवाला का संदेह

दिल्ली-मुंबई रकम भेजने पर एक लाख रुपए में 1500 से 2000 रुपए कमीशन की जानकारी; दुर्ग और रायपुर में तीन मामलों में 11 करोड़ रुपए से अधिक की नकदी जब्त

ट्रांसपोर्ट से ट्रैवल्स तक नकदी का खेल! छत्तीसगढ़ में तीन कार्रवाइयों से खुला हवाला का संदेह

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बड़ी मात्रा में नकदी के परिवहन से जुड़े तीन मामलों ने अनधिकृत वित्तीय लेन-देन के नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की कार्रवाई में पिकअप के गुप्त चेंबर, ट्रैवल्स कार्यालय और दो वाहनों से कुल 11 करोड़ रुपए से अधिक की नकदी जब्त की गई। जांच एजेंसियां रकम के स्रोत, उसके गंतव्य और संबंधित लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, रायपुर से दिल्ली और मुंबई तक रकम पहुंचाने के लिए हवाला कारोबार में प्रति एक लाख रुपए पर 1500 से 2000 रुपए तक कमीशन लिए जाने की जानकारी सामने आई है। इस कथित नेटवर्क में ट्रांसपोर्ट और ट्रैवल्स के माध्यम से नकदी भेजे जाने की आशंका है। सराफा, लोहा-इस्पात और गुटखा कारोबार से जुड़े कुछ लोगों के साथ उद्योगपतियों की भूमिका की भी जांच किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और किसी व्यक्ति की संलिप्तता स्थापित होना बाकी है।

तीन जगहों पर कार्रवाई, करोड़ों की नकदी मिली

1. पिकअप के गुप्त चेंबर में चार करोड़

दुर्ग पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर CG 04 QU 5996 नंबर की पिकअप को रोका। वाहन में भवेशभाई जीनाभाई डाभी और विष्णुदेव दुबे सवार थे। तलाशी में पिकअप के भीतर बनाए गए विशेष चेंबर से चार करोड़ रुपए मिले। पूछताछ में आरोपियों ने रायपुर के भनपुरी स्थित जीडी ट्रांसपोर्ट से रकम लोड करने की बात कही। पुलिस ने मामले को आगे की जांच के लिए आयकर विभाग को सौंप दिया।

2. हंस ट्रैवल्स कार्यालय से 16 लाख

6 मई 2026, न्यू राजेंद्र नगर: रायपुर पुलिस ने सूचना के आधार पर हंस ट्रैवल्स के कार्यालय में जांच की। वहां बोरियों में 20 रुपए के 400 बंडल और 10 रुपए के 800 बंडल मिले। कुल रकम करीब 16 लाख रुपए बताई गई। पुलिस ने नकदी जब्त कर जांच के लिए आयकर अधिकारियों को सौंप दी।

3. कुम्हारी में दो वाहनों से 6.60 करोड़

20 सितंबर, कुम्हारी: पुलिस ने दो वाहनों को रोककर जांच की तो उनमें 500 रुपए के नोटों के बंडलों में 6 करोड़ 60 लाख रुपए मिले। वाहनों में शक्ति सिंह, अल्पेश कुमार, ठाकुर महेश सिंह और वाघेला जुहरू भाई समेत चार लोग सवार थे। शुरुआती पूछताछ में उन्होंने खुद को व्यापारी बताया। दोनों वाहनों में जीपीएस उपकरण लगे थे। पुलिस ने रकम जब्त कर आगे की जांच के लिए आयकर विभाग को मामला सौंप दिया।

तीन दर्जन से अधिक कारोबारियों की जानकारी होने का दावा

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, संभावित हवाला नेटवर्क से जुड़े तीन दर्जन से अधिक कारोबारियों के बारे में जानकारी जुटाई गई है। हालांकि, उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं और किसी की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। कुछ नाम पूर्व में ईडी और एसीबी की जांच में सामने आने की बात भी कही जा रही है।

अब रकम के स्रोत और गंतव्य पर नजर

जांच का प्रमुख बिंदु यह है कि जब्त रकम कहां से आई, किसे पहुंचाई जानी थी और इसके पीछे किस तरह का कारोबारी लेन-देन था। ट्रांसपोर्ट और ट्रैवल्स माध्यमों के इस्तेमाल की परिस्थितियों की भी पड़ताल की जा रही है। आयकर विभाग और पुलिस की जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इन मामलों का आपस में कोई सीधा संबंध है या नहीं।