नुआखाई महोत्सव में बिखरी छत्तीसगढ़-ओडिशा की सांस्कृतिक रंगत, एकता के संदेश से गूंजा कला मंदिर

प्रदेशभर से पहुंचे कलाकारों ने दी शानदार प्रस्तुतियां, मां काली और ‘चीरहरण’ नृत्य ने लूटी महफिल; काव्या देवांगन प्रथम

नुआखाई महोत्सव में बिखरी छत्तीसगढ़-ओडिशा की सांस्कृतिक रंगत, एकता के संदेश से गूंजा कला मंदिर

भिलाई। अखिल भारतीय उड़िया समाज की ओर से रविवार को सिविक सेंटर स्थित कला मंदिर में नुआखाई महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। महोत्सव में छत्तीसगढ़ और ओडिशा की लोकसंस्कृति, परंपरा और कला का अनूठा संगम देखने को मिला। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य और गीतों की प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में सांसद विजय बघेल मुख्य अतिथि और पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू अध्यक्ष के रूप में शामिल हुए। अतिथियों ने नुआखाई पर्व को सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने वाला पर्व बताया।

भिलाई। अखिल भारतीय उड़िया समाज द्वारा रविवार को सिविक सेंटर स्थित कला मंदिर में नुआखाई महोत्सव हर्षोल्लास और पारंपरिक रंगों के साथ मनाया गया। समाज के प्रदेश अध्यक्ष जेएम तांडी के नेतृत्व में आयोजित इस महोत्सव में प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ ही ओडिशा और अन्य स्थानों से कलाकार पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ी और उड़िया गीत-संगीत तथा लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।

समाज के महासचिव तरुण निहाल ने बताया कि महोत्सव के तहत छत्तीसगढ़ और ओडिशा की संस्कृति पर आधारित प्रदेश स्तरीय नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान जगन्नाथ के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलन के साथ हुई। मुख्य अतिथि सांसद विजय बघेल और कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने की। विशेष अतिथियों में श्रम कल्याण मंडल उपाध्यक्ष किशोर महानंद, भिलाई कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, श्रीराम जन्मोत्सव समिति युवा विंग अध्यक्ष मनीष पाण्डेय, सर्वसमाज कल्याण समिति उपाध्यक्ष जोगाराव, रिसाली महापौर शशि सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

काव्या देवांगन ने जीता प्रथम पुरस्कार

नृत्य प्रतियोगिता में कलाकारों ने अपनी प्रतिभा के जरिए छत्तीसगढ़ और ओडिशा की लोक परंपराओं की खूबसूरत झलक प्रस्तुत की। ओडिशा से आई काव्या देवांगन ने ‘चीरहरण’ प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीतते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। उन्हें 15 हजार रुपए नगद पुरस्कार दिया गया। द्वितीय स्थान पर जगन्नाथ ग्रुप की मां काली स्वरूप पर आधारित प्रस्तुति रही, जिसे 11 हजार रुपए का पुरस्कार मिला। वहीं लोकधारा ग्रुप ने तृतीय स्थान हासिल कर 7 हजार रुपए का पुरस्कार प्राप्त किया।

इसके अलावा दिव्यांशी, ऋशिता, नम्रता, विनय गायकवाड, हर्षिता, ईशिका, मुस्कान, मयंक हर्षल, अंचल साहू तथा अमिता ग्रुप महिला स्पेशल सहित अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।

मां काली और चीरहरण की प्रस्तुति ने बांधा समां

रायपुर से पहुंचे जगन्नाथ ग्रुप ने मां काली पर आधारित नृत्य प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रंग भर दिया। कलाकारों की शानदार प्रस्तुति पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं। वहीं काव्या देवांगन की ‘चीरहरण’ प्रस्तुति भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। छत्तीसगढ़ी गीतों पर विभिन्न कलाकारों की प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों को खूब झुमाया।

प्रतियोगिता में रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, जोरातराई, अहिवारा, भिलाई-3, सुपेला, जशपुर, ओडिशा, केसिंगा, बिलासपुर, बस्तर, जगदलपुर, कोरबा, रायगढ़, महासमुंद, सरायपाली, नागपुर और झीट सहित विभिन्न क्षेत्रों से कलाकार शामिल हुए।

सांसद विजय बघेल ने कहा कि उड़िया समाज के लोग सरल, संवेदनशील और मेहनतकश होते हैं। वे ईमानदारी और लगन के साथ अपने कार्यों को पूरा करने के लिए जाने जाते हैं। अखिल भारतीय उड़िया समाज द्वारा समाज के लोगों को एकजुट रखने का प्रयास सराहनीय है। नुआखाई ओडिशा का प्रमुख पर्व है, जो सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करता है।

पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि नुआखाई पर्व उड़िया समाज की समृद्ध परंपरा और संस्कृति का प्रतीक है। समाज को एकजुट रखकर इस तरह के आयोजनों को लगातार आगे बढ़ाना सराहनीय पहल है। ऐसे कार्यक्रमों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।

महोत्सव में समाज के कोषाध्यक्ष दीनबंधु तांडी, संरक्षक कृष्णा सोना, संजय सोनवानी, उपाध्यक्ष कैलाश तांड़ी, दुर्ग जिला अध्यक्ष अजय कुमार लुहा, महिला विंग अध्यक्ष जयंती महानंद, महामंत्री मोंटू हरपाल, मनोज दुर्गा, भिलाई शहर अध्यक्ष पूरन नायक, राम भजन विभार, संदीपा तांडी, अहिवारा विधानसभा अध्यक्ष अर्जुन महानंद, कविता तांडी, वैशाली नगर अध्यक्ष विदुर तांडी, सुभद्रा सेठिया, मीडिया प्रभारी धरम हरपाल, दुर्ग ग्रामीण अध्यक्ष प्रीतम हरपाल, सुमित सोना, उमेश बाग, जगन्नाथ जाल सहित समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।