बकाया भुगतान और खाद नीति पर किसानों का प्रदर्शन, मंत्रालय कूच से पहले रोका

तूता धरना स्थल से घेराव के लिए निकले सैकड़ों किसान बैरिकेडिंग पर रुके; 10 सूत्रीय मांगों में 1700 करोड़ रुपए के भुगतान, समर्थन मूल्य और खदानों का मुद्दा शामिल

बकाया भुगतान और खाद नीति पर किसानों का प्रदर्शन, मंत्रालय कूच से पहले रोका

रायपुर। धान खरीदी के बकाया भुगतान, समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी और कृषि संबंधी नीतियों में बदलाव की मांग को लेकर मंगलवार को राजधानी में किसानों ने आवाज बुलंद की। रायपुर के तूता धरना स्थल पर एकत्रित सैकड़ों किसान अपनी मांगें लेकर मंत्रालय का घेराव करने निकले, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद किसानों ने ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों पर कार्रवाई की मांग की।

किसानों की 10 सूत्रीय मांगों में वर्ष 2022-23 की धान खरीदी का लंबित 1700 करोड़ रुपए तत्काल जारी करना प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा धान बोनस, समर्थन मूल्य में वृद्धि और सिंचाई परियोजनाओं से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने कृषि में रासायनिक खाद के विकल्प के रूप में गौवर्धन खाद को बढ़ावा देने की मांग करते हुए खाद नीति पर भी ध्यान देने की अपील की।

खदानों के मुद्दे पर भी जताई नाराजगी

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने खदानों का विरोध भी किया। किसानों ने अपनी मांगों के जरिए कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को सामने रखा। मंत्रालय की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बैरिकेडिंग के जरिए रोक दिया। कुछ समय तक किसान वहीं रुके रहे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखा।

ज्ञापन सौंपने के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन

करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद किसानों ने संबंधित अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। मांगों पर विचार करने का आश्वासन मिलने के बाद वे वापस लौट गए। किसानों ने बकाया भुगतान और कृषि से जुड़े मुद्दों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।