दुर्ग में गहराया जलसंकट: “निगम ने नहीं मांगा पानी, सूखते तालाबों और बोरों से बढ़ी परेशानी” — अरुण वोरा
पूर्व विधायक ने संकटग्रस्त वार्डों का किया दौरा, सिंचाई विभाग से तालाबों में पानी छोड़ने और खराब बोर सुधारने की मांग
दुर्ग शहर भीषण जलसंकट की चपेट में है। सूखते बोर, खाली होते तालाब और कमजोर जलापूर्ति से आम लोग परेशान हैं। इसी बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने शहर के कई प्रभावित इलाकों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय रहते सिंचाई विभाग से पानी की मांग नहीं की गई, जिसके कारण शहर के तालाब और जलस्रोत तेजी से सूख रहे हैं।
दुर्ग शहर में लगातार बढ़ते जलसंकट को लेकर पूर्व विधायक अरुण वोरा ने प्रभावित वार्डों और बस्तियों का दौरा कर स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं। नागरिकों ने उन्हें बताया कि कई इलाकों में बोर सूख चुके हैं, जबकि अनेक सरकारी बोर खराब पड़े हैं। वहीं तालाबों का जलस्तर तेजी से नीचे जाने से निस्तारी की समस्या भी गंभीर होती जा रही है।
अरुण वोरा ने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद नगर निगम और प्रशासन पानी की समस्या को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन और निगम प्रशासन “सुशासन तिहार” जैसे अभियानों में व्यस्त है, जबकि शहर की जनता पानी की एक-एक बूंद के लिए परेशान हो रही है।
वोरा ने सिंचाई विभाग के कार्यपालन अभियंता आशुतोष सारस्वत से मुलाकात की। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम की ओर से तालाबों और नहरों के लिए पानी छोड़ने संबंधी कोई मांग पत्र नहीं भेजा गया। वोरा ने कहा कि यदि समय पर मांग की जाती तो नहरों के माध्यम से शहर के तालाबों और जलस्रोतों तक पानी पहुंचाया जा सकता था।
उन्होंने बताया कि ठगड़ाबांध में पानी की कमी के कारण आसपास के करीब 10 वार्डों में भूजल स्तर तेजी से नीचे चला गया है। पटरी पार क्षेत्रों और बस्तियों में बोर सूखने लगे हैं, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
वोरा ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शहर के 24 तालाबों में जल्द पानी भरने की व्यवस्था की जाए। साथ ही तालाबों की सफाई, मरम्मत, नहरों की लीकेज और टूट-फूट को तत्काल दुरुस्त किया जाए ताकि बांध से छोड़ा गया पानी बिना रुकावट तालाबों तक पहुंच सके।
उन्होंने नगर निगम से जलसंकट प्रभावित इलाकों की लगातार मॉनिटरिंग करने, खराब बोरों को तत्काल सुधारने और पानी के टैंकरों की संख्या बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कई वार्डों में नलों में पर्याप्त प्रेशर से पानी नहीं आ रहा है और लोगों को गंदे पानी का उपयोग करना पड़ रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।
अरुण वोरा ने यह भी आरोप लगाया कि फेस-2 और अमृत मिशन जैसी योजनाओं का लाभ अब तक आम नागरिकों को नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि शहर में जलप्रबंधन की स्थिति चिंताजनक हो चुकी है और यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में संकट और गहरा सकता है।
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