पहाड़ से मैदान तक बारिश का कहर, कई राज्यों में बाढ़ का खतरा
उत्तराखंड में गंगा चेतावनी स्तर के पार, केदारनाथ मार्ग पर भूस्खलन से 4 हजार यात्री फंसे; यूपी में 62 मौतें, बिहार के 6 हजार गांव प्रभावित
उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उत्तराखंड में गंगा चेतावनी स्तर को पार कर गई है, जबकि केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन के कारण करीब 4 हजार श्रद्धालु फंस गए हैं। उत्तर प्रदेश में 45 शहरों में करीब 70 घंटे से बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। वहीं बिहार में लगातार बारिश के साथ गंडक और कोसी नदियों के उफान से कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन गई है।
उत्तराखंड (ए)। राज्य के सभी जिलों में भारी बारिश का दौर जारी है। ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंच गया है। एहतियात के तौर पर घाटों पर लोगों के जाने पर रोक लगा दी गई है। रुद्रप्रयाग में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन के बाद रास्ता प्रभावित हुआ है और करीब 4 हजार श्रद्धालुओं के फंसे होने की जानकारी है।
केदारनाथ यात्रा और हेली सेवा पर रोक
खराब मौसम और मार्ग की स्थिति को देखते हुए केदारनाथ यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है। हेली सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में ऑरेंज अलर्ट तथा बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में यलो अलर्ट है।
यूपी में तेज हवाओं के साथ बारिश
उत्तर प्रदेश के 45 शहरों में करीब 70 घंटे से बारिश का सिलसिला जारी है। लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या और जौनपुर समेत कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। 22 जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा बताया गया है।
लगातार खराब मौसम से जनहानि और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। दो दिनों में 62 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। कई इलाकों में खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं, जबकि तेज हवाओं के कारण बड़ी संख्या में पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए हैं।
बिहार में नदियों का जलस्तर बढ़ा
बिहार में साइक्लोन अर्नब का असर कमजोर पड़ने के बावजूद बारिश का दौर थमा नहीं है। राज्य में करीब 72 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। नेपाल के तराई क्षेत्र में हुई बारिश के कारण गंडक और कोसी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है।
इससे 17 जिलों के करीब 6 हजार गांवों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। करीब 500 घर पानी से घिरे बताए गए हैं। सुपौल के करीब 50 गांवों में भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
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