भगवान जगन्नाथ’ के दर्शन से पहले चला गया जिगर का टुकड़ा, मम्मी-पापा के साथ मासूम आया था कोरबा

छत्तीसगढ़ के कोरबा में जगन्नाथ रथयात्रा देखने जाते समय पांच साल के बच्चे को कुत्तों ने नोंच खाया। गंभीर रूप घायल बच्चे की मौत हो गई। घटना से परिवार में मातम पसर गया..

भगवान जगन्नाथ’ के दर्शन से पहले चला गया जिगर का टुकड़ा, मम्मी-पापा के साथ मासूम आया था कोरबा

कोरबा के दादरखुर्द में आयोजित जगन्नाथ रथयात्रा में शामिल होने के लिए तैयार होने घर जा रहे पांच साल के बच्चे को कुत्तों के एक झुंड ने घेर लिया। उसके हाथ, पैर, सिर और चेहरे से मांस को नोंच लिया। बच्चा घटना स्थल पर गिर पड़ा। आनन-फानन में उसे कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान बच्चे ने दम तोड़ दिया। इस घटना से परिवार में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

माता-पिता के साथ गया था रथयात्रा देखने

बच्चे की पहचान प्रकाश पटेल के रूप में की गई है जो मूलत: जांजगीर-चांपा जिले के गांव मोहतरा का रहने वाला था। अपने पिता किशोर पटेल और माता के साथ कोरबा के दादरखुर्द में रहता था। बताया जाता है कि गुरुवार को दादरखुर्द में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का आयोजन किया गया था, जिसे देखने के लिए परिजना बच्चों के साथ पहुंचे।

मजदूरी करते हैं माता-पिता

बच्चे के माता-पिता दादरखुर्द में ही रहकर रोजी-मजदूरी करते हैं। गुरुवार को वे पांच साल के बेटे को लेकर रोजी-मजदूरी करने गए थे। इस दौरान बच्चे ने रथयात्रा देखने की जिद की। माता-पिता ने बच्चे को तैयार होकर जाने के लिए कह दिया। प्रकाश जैसे ही थोड़ी दूर आगे की ओर बढ़ा कि रास्ते में आवारा कुत्तों के झुंड ने उसको घेर कर भौंकने लगे तो बच्चा डर गया। इस दौरान कुत्तों ने बच्चे के हाथ-पैर, सिर और चेहरे के मांस को नोंच लिया। बच्चे की दर्दनाक आवाज सुनकर स्थानीय लोगों ने दौड़ कर कुत्तों के झुंड को अलग किया।

उपचार के दौरान मौत

बच्चे को आनन-फानन कोरबा मेडिकल अस्पताल पहुंचाया गया। यहां उपचार के दौरान बच्चे की मौत हो गई। यह घटना गुरुवार की शाम लगभग 4 बजे हुई। बच्चा प्रकाश दादरखुर्द के एक स्कूल में कक्षा पहली का छात्र था। बताया जाता है कि किशोर की तीन संतानों में दो बेटे और एक बेटी है। इस घटना से परिवार में शोक की लहर है। दादरखुर्द के लोग भी हैरान हैं। लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि कुत्तों यह झुंड आखिर बच्चे की जान कैसे ले लिया।

चौक-चौराहों पर आवारा कुत्तों का झुड

कोरबा जिले में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चौक-चौराहों पर कुत्तों का झुंड बैठा रहता है। दिन हो या रात, यह झुंड कई बार बड़ों को भी दौड़ाता है। बच्चों को देखकर तो उनकी तरफ तेजी से दौड़ता है। कोरबा शहर में कुत्तों की आबादी तेजी से बढ़ रही है, इसकी रोकथाम को लेकर नगर निगम प्रशासन कोई कारगर योजना नहीं बना पा रहा है। इससे स्थितियां दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। कोरबा शहर में सीएसईबी चौक से लेकर जैन मंदिर चौक तक श्वानों का कई समूह सक्रिय है।

मुड़ापार क्षेत्र में भी इनकी आबादी सड़कों दिन-रात दिखाई देती है। शहर के उपनगरीय इलाके जमनीपाली, कटघोरा और दीपका में भी श्वानों की संख्या में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। पूर्व में नगर निगम की ओर से श्वानों की नसबंदी की योजना बनाई गई थी जो फेल हो चुकी है। इनकी आबादी तेजी से बढ़ रही है।

डॉग बाइट के मामलों में भी वृद्धि, हर क्षेत्र से अस्पताल पहुंच रहे लोग

बारिश शुरू होते ही डॉग बाइट के मामले भी बढ़ गए हैं। कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के साथ-साथ सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉग बाइट के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डॉग बाइट के शिकार मरीजों के इलाज के लिए अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में एंटी रेबीज दवाईयां उपलब्ध कराई गई है। बाजार में भी यह दवाईयां उपलब्ध है। लेकिन जिस तरीके से कुत्तों की आबादी बढ़ रही है उसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी मान रहा है कि आने वाले दिनों में चुनौतियां कम नहीं होगी। विभाग का कहना है कि डॉग बाइट की संख्या लगातार बढ़ रही है।