भारी बारिश से बिगड़े हालात, केदारनाथ मार्ग बंद; यूपी-बिहार में बाढ़ का खतरा

रुद्रप्रयाग में भूस्खलन से हजारों श्रद्धालु फंसे, यूपी में 22 जिलों पर बाढ़ का खतरा; कोसी-गंडक उफान पर

भारी बारिश से बिगड़े हालात, केदारनाथ मार्ग बंद; यूपी-बिहार में बाढ़ का खतरा

मानसून की सक्रियता के बीच देश के कई राज्यों में मौसम ने गंभीर रूप ले लिया है। उत्तराखंड में भूस्खलन के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग पर करीब 4 हजार यात्री फंस गए हैं। लगातार बारिश को देखते हुए यात्रा और हेलीकॉप्टर सेवा रोक दी गई है। उधर उत्तर प्रदेश में तेज बारिश और आंधी से जनजीवन प्रभावित है, जबकि बिहार में नेपाल से आने वाले पानी के कारण कोसी और गंडक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।

नई दिल्ली (ए)। लगातार बारिश ने उत्तर भारत के कई राज्यों में हालात चुनौतीपूर्ण कर दिए हैं। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और बर्फबारी के साथ मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बन रही है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश और ओडिशा के कई हिस्से बारिश से प्रभावित हैं।

केदारनाथ जाने वाले रास्ते में मलबा

रुद्रप्रयाग में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर पहाड़ी से मलबा गिरने का सिलसिला जारी है। भूस्खलन के कारण करीब 4 हजार यात्रियों के फंसे होने की जानकारी सामने आई है। रास्ते को दोबारा खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन पहाड़ी से लगातार मलबा गिरने के कारण काम प्रभावित हो रहा है।

मौसम विभाग की चेतावनी और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। हेली सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। प्रशासन प्रभावित मार्गों और यात्रियों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर अलग-अलग स्तर के अलर्ट जारी किए गए हैं। देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी में रेड अलर्ट, जबकि उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में ऑरेंज अलर्ट है। पांच जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।

यूपी में आंधी-बारिश से नुकसान

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश के साथ तेज हवाएं चल रही हैं। लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या और जौनपुर समेत करीब 45 शहरों में 65 घंटे से बारिश का दौर जारी है। कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की सूचना है।

22 जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है। आंधी और बारिश के कारण दो दिनों में 60 लोगों की मौत की सूचना है। खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने के साथ कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए हैं।

बिहार के हजारों गांवों पर बाढ़ का असर

बिहार में लगातार बारिश और नेपाल के तराई क्षेत्र से आने वाले पानी के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। कोसी और गंडक नदियों का जलस्तर बढ़ने से 17 जिलों के करीब 6 हजार गांव प्रभावित बताए जा रहे हैं। करीब 500 घर बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।

सुपौल जिले में करीब 50 गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। प्रशासन प्रभावित इलाकों की स्थिति पर नजर रख रहा है और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं।

किन्नौर में बर्फबारी, चित्रकूट में मंदाकिनी उफनी

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। पूह के कुन्नू और छितकुल में पहाड़ों पर बर्फ की सफेद चादर दिखाई दी। उत्तराखंड के नेलांग-जादुंग क्षेत्र में भी भारी बर्फबारी हुई।

वहीं उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। नदी के बढ़ते पानी से घाटों की सीढ़ियां डूब गई हैं। ओडिशा के बालेश्वर में भी भारी बारिश के बाद बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।