भिलाई-चरोदा निगम में टैक्स को लेकर बवाल: पानी और सफाई शुल्क पर दोहरी वसूली का आरोप
19 महीने का एकमुश्त चार्ज जोड़ने पर नागरिकों का विरोध, जलापूर्ति बाधित होने से बढ़ा आक्रोश
*भिलाई-चरोदा नगर निगम क्षेत्र में पानी और सफाई टैक्स को लेकर विवाद गहरा गया है। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के नाम पर 19 माह का शुल्क संपत्ति कर में जोड़कर वसूले जाने से नागरिकों में नाराजगी है।*
भिलाई-चरोदा। नगर निगम क्षेत्र में इन दिनों पानी और सफाई टैक्स को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। निगम द्वारा डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के नाम पर सितंबर 2024 से मार्च 2026 तक का करीब 19 माह का शुल्क एकमुश्त संपत्ति कर के साथ जोड़े जाने पर नागरिकों ने कड़ा विरोध जताया है।
रहवासियों का आरोप है कि उनके वार्डों में कचरा संग्रहण का कार्य पहले से ही महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जा रहा था, जिसके एवज में वे नियमित रूप से 60 रुपए प्रतिमाह भुगतान करते रहे हैं। ऐसे में उसी सेवा के लिए दोबारा शुल्क वसूली को लोगों ने अनुचित बताया है।
निगम का पक्ष है कि पूर्व में कई लोगों ने शुल्क का भुगतान नहीं किया, जिसके चलते अब बकाया राशि की वसूली की जा रही है। हालांकि, नागरिकों का कहना है कि भुगतान के बावजूद उनसे प्रमाण मांगे जा रहे हैं, जबकि रिकॉर्ड निगम या संबंधित समूहों के पास होना चाहिए।
इधर, जलकर को लेकर भी असंतोष बढ़ता जा रहा है। कई इलाकों में नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं होने की शिकायतें सामने आई हैं। वसुंधरा नगर की निवासी दामेश्वरी वर्मा ने बताया कि उनके घर में लंबे समय से पानी नहीं आ रहा है और शिकायत के बावजूद समाधान नहीं हो पाया है।
निदान 1100 में शिकायत दर्ज कराने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। अधिकारियों द्वारा बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद हालात में सुधार नहीं होने से लोग परेशान हैं।
बुधवार को निगम कार्यालय में टैक्स जमा करने पहुंचे नागरिकों ने जमकर नाराजगी जाहिर की। रसीदों की अनुपलब्धता और ऑनलाइन सिस्टम के कारण भी स्थिति और उलझती नजर आ रही है। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोहरी वसूली पर रोक लगाने की मांग की है।
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