अशोकधाम मंदिर में भगदड़, 7 महिलाओं की मौत; करंट की अफवाह से मची अफरा-तफरी

सावन सोमवार पर जलाभिषेक के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे थे; पोल गिरने के बाद फैली अफवाह, भीड़ के दबाव में 23 से ज्यादा घायल

अशोकधाम मंदिर में भगदड़, 7 महिलाओं की मौत; करंट की अफवाह से मची अफरा-तफरी

लखीसराय (ए)। सावन के सोमवार पर अशोकधाम मंदिर में जलाभिषेक के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते में पोल गिरने के बाद बिजली का करंट फैलने की अफवाह ने श्रद्धालुओं में दहशत पैदा कर दी। अचानक लोग सुरक्षित जगह की ओर भागने लगे। इसी दौरान बैरिकेडिंग पर भीड़ का दबाव बढ़ा और भगदड़ मच गई। हादसे में 7 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 23 से ज्यादा श्रद्धालु घायल हुए हैं। इनमें 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है।

घटना अशोकधाम रेलवे स्टेशन से मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर हुई। लखीसराय डीएम शैलेंद्र कुमार के अनुसार, पुरुषों की कतार की ओर एक खंभा गिर गया था। इसके बाद यह बात फैल गई कि बिजली का चालू तार श्रद्धालुओं के ऊपर गिर गया है। जांच में सामने आया कि गिरा हुआ तार बिजली का नहीं, बल्कि केबल वायर था।

अफवाह ने बढ़ाई दहशत, टूट गई बैरिकेडिंग

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करंट लगने की बात सुनते ही श्रद्धालुओं में घबराहट फैल गई। लोग जान बचाने के लिए तेजी से इधर-उधर जाने लगे। पुरुषों की लाइन से बढ़ा दबाव महिलाओं की कतार तक पहुंच गया। भीड़ के धक्के से बैरिकेडिंग टूट गई और कई महिलाएं जमीन पर गिर गईं। पीछे से आ रही भीड़ उन्हें संभाल नहीं सकी, जिससे कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरते चले गए।

घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोगों ने मिलकर घायलों को भीड़ से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किए जाने की तैयारी की गई।

चार महिलाओं की पहचान

हादसे में जान गंवाने वाली चार महिलाओं की पहचान कर ली गई है। इनमें लखीसराय की मधुबाला देवी, मनमाला देवी और हेमलता देवी तथा मुंगेर की रिंकू देवी शामिल हैं। अन्य मृतकों की पहचान की जा रही है।

घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों और घायलों की संख्या की पुष्टि की प्रक्रिया जारी है। गंभीर स्थिति को देखते हुए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की सहायता

घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। प्रशासन ने हादसे की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है।

श्रद्धालु ने बताया कैसे मची भगदड़

मौके पर मौजूद एक श्रद्धालु के मुताबिक, मंदिर में काफी भीड़ थी। इसी बीच पोल गिरने और करंट लगने की खबर तेजी से फैल गई। लोग डरकर भागने लगे। इसी दौरान बैरिकेडिंग टूट गई और कई श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। कुछ ही देर में वहां भगदड़ की स्थिति बन गई।