पदोन्नति में देरी पर टीईटी शिक्षकों का प्रदर्शन, 4 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम

दुर्ग संभाग के सात जिलों से 500 से अधिक शिक्षक पहुंचे संयुक्त संचालक कार्यालय, मांग पूरी नहीं हुई तो 5 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

पदोन्नति में देरी पर टीईटी शिक्षकों का प्रदर्शन, 4 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम

दुर्ग-भिलाई। लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बुधवार को दुर्ग संभाग के सात जिलों से 500 से अधिक शिक्षक अपनी मांग लेकर संयुक्त संचालक शिक्षा कार्यालय पहुंचे। शिक्षकों ने विभाग से 4 अक्टूबर तक पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग की है। संघ ने स्पष्ट किया है कि तय समय तक प्रक्रिया में ठोस प्रगति नहीं होने पर 5 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन और कार्य-बहिष्कार शुरू किया जाएगा।

शिक्षक कल्याण संघ छत्तीसगढ़ के मुताबिक संभाग में 1400 से अधिक टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। संघ का आरोप है कि निर्धारित समय-सीमा में प्रक्रिया पूरी नहीं होने से पात्र शिक्षकों को लंबे समय से पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

प्रस्ताव जमा, फिर भी आगे नहीं बढ़ी प्रक्रिया

संघ के प्रवक्ता उमाशंकर दिल्लीवार ने बताया कि पदोन्नति से संबंधित प्रस्ताव विभाग के समक्ष प्रस्तुत किए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रक्रिया में अपेक्षित गति नहीं आई। शिक्षक इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त संचालक कार्यालय पहुंचे थे। उस समय संयुक्त संचालक कार्यालय में मौजूद नहीं थे। प्रभारी अधिकारी ने शिक्षकों को 5 अक्टूबर को दोबारा बुलाकर स्थिति की जानकारी देने की बात कही।

शिक्षकों का कहना है कि अब वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि पदोन्नति प्रक्रिया में वास्तविक प्रगति और स्पष्ट समय-सीमा चाहते हैं।

शिक्षा मंत्री से भी हुई चर्चा

संघ पदाधिकारियों के अनुसार सोमवार को उन्होंने अपनी मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से मुलाकात की थी। शिक्षकों का कहना है कि मंत्री ने उन्हें बताया कि पदोन्नति प्रक्रिया पर कोई रोक नहीं है और विभागीय स्तर पर प्रक्रिया जारी है। हालांकि, पदोन्नति आदेश कब तक जारी होंगे, इसकी निश्चित समय-सीमा शिक्षकों को नहीं बताई गई।

टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों की पदोन्नति का मुद्दा इससे पहले भी प्रदेश में उठता रहा है। सितंबर में भी शिक्षकों ने लंबित प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की मांग को लेकर आंदोलन किया था।

मई से प्रक्रिया चलने का संघ का दावा

संघ के अनुसार शिक्षा विभाग ने मई 2026 से विभिन्न स्तरों पर पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू की थी। संघ की ओर से दिए गए ज्ञापन में दावा किया गया है कि लोक शिक्षण संचालनालय ने 15 मई को प्रक्रिया 30 जून तक पूरी करने के निर्देश दिए थे। बाद में 30 जून को समय-सीमा बढ़ाकर 15 अगस्त की गई।

संघ का कहना है कि 10 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रक्रिया 30 अगस्त तक पूरी करने के निर्देश भी दिए गए थे। इसके बावजूद सितंबर समाप्त होने के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।

टीईटी पात्रता को लेकर नियमों का हवाला

शिक्षक संघ का कहना है कि प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत टीईटी उत्तीर्ण सहायक शिक्षक पदोन्नति के लिए पात्र हैं। संघ के मुताबिक प्राथमिक टीईटी उत्तीर्ण सहायक शिक्षक प्रधान पाठक प्राथमिक के पद पर पदोन्नति के पात्र हैं और इसी आधार पर लंबित प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

इस बीच टीईटी से संबंधित पदोन्नति विवाद को लेकर न्यायिक स्तर पर भी मामला सामने आया है। सितंबर में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने टीईटी से जुड़ी एक पदोन्नति याचिका में अंतरिम राहत देते हुए संबंधित पदोन्नतियों को याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रखने की बात कही थी।

6 अक्टूबर को मंत्री घेराव का भी प्रस्ताव

संघ ने आंदोलन की आगामी रणनीति भी तय की है। उसके मुताबिक 4 अक्टूबर तक प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी तो 5 अक्टूबर से दुर्ग में अनिश्चितकालीन आंदोलन और कार्य-बहिष्कार शुरू किया जाएगा। इसके बाद 6 अक्टूबर को शिक्षा मंत्री का घेराव करने का प्रस्ताव है।

संघ का कहना है कि शिक्षक लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनकी मांग है कि विभाग पात्र शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी करे, जिससे आंदोलन की स्थिति टाली जा सके।