खेल से उद्योग तक विकसित छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर गढ़ रहा नवा रायपुर
मुख्यमंत्री साय बोले- प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय मंच देना प्राथमिकता, खेलों के लिए 100 करोड़ का बजट; 2047 तक 75 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य
आधुनिक खेल सुविधाओं, निवेश और तकनीक के विस्तार के जरिए छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के साथ युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। नवा रायपुर में प्रस्तावित विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स क्लब और पुलेला गोपीचंद की बैडमिंटन अकादमी इस प्रयास को मजबूती देंगे। सरकार ने खेल अधोसंरचना के विकास के लिए इस वर्ष के बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
रायपुर। राजधानी के जोरा में सेंध लेक सिटी और इलेशियम क्लब्स की साझेदारी घोषणा एवं अनुबंध हस्ताक्षर समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में खेलों के प्रति क्षमता और उत्साह दोनों हैं। जरूरत उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुंच उपलब्ध कराने की है। सरकार खेलों को युवाओं के व्यक्तित्व विकास और प्रदेश की पहचान मजबूत करने के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में देख रही है।
मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर में प्रस्तावित विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स क्लब की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसी सुविधाओं से प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और उभरते खिलाड़ियों को अपने राज्य में ही उच्चस्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। पद्म भूषण से सम्मानित बैडमिंटन खिलाड़ी पुलेला गोपीचंद की मौजूदगी को उन्होंने प्रदेश के खेल जगत के लिए महत्वपूर्ण बताया। गोपीचंद के अनुभव और मार्गदर्शन से छत्तीसगढ़ की बैडमिंटन प्रतिभाओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
साय ने कहा कि खेल मैदानों में सीखी गई अनुशासन, धैर्य, सहयोग और नेतृत्व की भावना जीवन के दूसरे क्षेत्रों में भी उपयोगी होती है। इसलिए खेलों के लिए संसाधन जुटाना केवल प्रतियोगिताओं की तैयारी नहीं, बल्कि स्वस्थ और सक्षम युवा पीढ़ी तैयार करने का प्रयास है।
बस्तर के युवाओं में खेलों को लेकर बढ़ा उत्साह
मुख्यमंत्री ने बस्तर ओलंपिक का उदाहरण देते हुए कहा कि इस आयोजन ने दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों की प्रतिभाओं को सामने आने का अवसर दिया है। पहले वर्ष लगभग 1.65 लाख खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जबकि दूसरे वर्ष प्रतिभागियों की संख्या बढ़कर करीब 3.91 लाख हो गई। यह बदलाव बताता है कि गांवों और वनांचल में भी खेलों को लेकर उत्साह बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि बस्तर में युवा अब खेल, शिक्षा, कौशल और रोजगार के माध्यम से आगे बढ़ने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। सरकार चाहती है कि किसी भी क्षेत्र के खिलाड़ी को सुविधाओं की कमी के कारण अपने सपनों से समझौता न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय जनजातीय खेलों के सफल आयोजन और प्रदेश के खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने भारोत्तोलन में राष्ट्रमंडल खेलों की रजत पदक विजेता ज्ञानेश्वरी यादव तथा एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य संजू देवी की सफलता को प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण बताया।
खेलों के साथ आर्थिक विकास पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को 75 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है। खनिज संपदा, वनोपज, जल और ऊर्जा संसाधनों के अलावा उद्योग, सेवा क्षेत्र, आधुनिक तकनीक और कुशल मानव संसाधन इस विकास यात्रा के प्रमुख आधार होंगे।
उन्होंने बताया कि राज्य की नई औद्योगिक नीति के प्रति निवेशकों की रुचि बढ़ रही है। हाल ही में सिंगापुर प्रवास के दौरान डेटा सेंटर और कृषि प्रसंस्करण सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। करीब 15 बड़ी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ बैठक में छत्तीसगढ़ में उद्योग और व्यवसाय स्थापित करने को लेकर सकारात्मक संकेत मिले। सरकार का मानना है कि नए निवेश से रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में विकास की बदलती परिस्थितियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के जवानों के साहस और स्थानीय लोगों के सहयोग से बस्तर में विकास कार्यों के लिए नए रास्ते खुल रहे हैं। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार के साथ खेल गतिविधियां भी युवाओं को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
तकनीक और शिक्षा से तैयार होंगे नए अवसर
वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओम प्रकाश चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान अब केवल खनिज और भारी उद्योगों तक सीमित नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक, सेवा क्षेत्र और शहरी अधोसंरचना में भी विस्तार हो रहा है। नवा रायपुर में राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थानों और आधुनिक औद्योगिक परियोजनाओं के विकास से युवाओं के लिए संभावनाएं बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि पुलेला गोपीचंद की बैडमिंटन अकादमी प्रदेश के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में सहायक होगी। राज्य सरकार नवा रायपुर में डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर इकाई की स्थापना की दिशा में भी काम कर रही है। ‘अंजोर’ विजन दस्तावेज के माध्यम से दीर्घकालिक विकास की योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
गोपीचंद ने कहा कि विकसित भारत का सपना पूरा करने के लिए शिक्षित होने के साथ स्वस्थ, सक्रिय और अनुशासित युवा पीढ़ी भी जरूरी है। बच्चों को पढ़ाई के साथ शारीरिक गतिविधियों और खेलों में भाग लेने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने खेल सुविधाओं के विकास और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी प्रशासन और तकनीक के उपयोग से सरकारी सेवाओं को अधिक सरल एवं जवाबदेह बनाया जा रहा है। मंत्रालय में ई-ऑफिस प्रणाली और सेवाओं के डिजिटलीकरण के जरिए नागरिकों तक सुविधाएं समय पर पहुंचाने का प्रयास जारी है। उन्होंने नागरिकों से स्वस्थ, समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।
समारोह में प्रह्लाद राय अग्रवाल, दीपचंद राजलीवाल, पवित्र कुमार, डॉ. हिमांशु द्विवेदी सहित अन्य अतिथि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
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