गुरु पर्व पर अरुण वोरा ने गुरुद्वारे में की सेवा, कहा — “समानता और मानवता का संदेश सदा अमर रहेगा”

गुरु पर्व पर अरुण वोरा ने गुरुद्वारे में की सेवा, कहा — “समानता और मानवता का संदेश सदा अमर रहेगा”

 

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गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर पूर्व विधायक अरुण वोरा ने स्टेशन रोड गुरुद्वारे में मत्था टेककर लंगर सेवा में किया सहभागी, समाज में शांति और सौहार्द की कामना की

इंट्रो:

गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर दुर्ग में श्रद्धा और सेवा का अनुपम संगम देखने को मिला। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने स्टेशन रोड स्थित गुरु सिंह साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेककर गुरु घर की सेवा का सौभाग्य प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने लंगर सेवा में सहभागिता की और गुरु ग्रंथ साहिब जी का आशीर्वाद लेकर नगरवासियों की शांति व समृद्धि की प्रार्थना की।

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पुनर्लिखित समाचार:

गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर दुर्ग का वातावरण भक्ति और सेवा की भावना से ओतप्रोत रहा। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने स्टेशन रोड स्थित गुरु सिंह साहिब गुरुद्वारे में श्रद्धापूर्वक मत्था टेका और गुरु घर दी सेवा में शामिल होकर सिख परंपरा की उस अनूठी भावना को आत्मसात किया, जो मानवता और समानता का अमर संदेश देती है।

गुरुद्वारे में अरुण वोरा ने श्रद्धालुओं के साथ लंगर सेवा की, गुरु ग्रंथ साहिब जी का आशीर्वाद प्राप्त किया और शहरवासियों के सुख-शांति की मंगलकामना की।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि — “सेवा सिख परंपरा का सबसे सुंदर रूप है, जहाँ किसी भेदभाव का स्थान नहीं होता, केवल करुणा, समर्पण और समानता की साधना होती है। गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन से हमें सिखाया कि सच्चा धर्म वही है, जो दूसरों के कल्याण में निहित हो। उनकी शिक्षाएँ आज भी मानवता को दिशा देने वाली ज्योति हैं।”

वोरा ने आगे कहा कि — “सिख समाज जिस निःस्वार्थ भाव, अनुशासन और सेवा की परंपरा को निभा रहा है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। गुरु नानक देव जी के आशीर्वाद से सभी के

 जीवन में शांति, सौहार्द और प्रकाश सदा बना रहे।”

गुरु नानक देव जी के इस पावन पर्व पर अरुण वोरा का यह सन्देश समाज में समानता, सेवा और सद्भाव के मूल्यों को पुनः प्रखर करने वाला रहा।