छत्तीसगढ़ में राशन वितरण पर होगी सख्त निगरानी, ‘सार्थक-पीडीएस’ से फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक

छत्तीसगढ़ में राशन वितरण पर होगी सख्त निगरानी, ‘सार्थक-पीडीएस’ से फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक

सीएम साय ने सार्थक-पीडीएस फेज-2 के लिए केंद्र सरकार द्वारा 25,530 करोड़ रुपए की मंजूरी का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि एआई, जीपीएस ट्रैकिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी तकनीकों से सार्वजनिक वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा सार्थक-पीडीएस फेज-2 के लिए 25,530 करोड़ रुपए की मंजूरी का स्वागत किया है। उन्होंने इसे गरीब कल्याण, खाद्य सुरक्षा और सुशासन की दिशा में एक दूरदर्शी और महत्वपूर्ण फैसला बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। इससे गरीब और जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहले से ज्यादा प्रभावी तरीके से पहुंच सकेगा।

तकनीक आधारित होगी पूरी राशन व्यवस्था

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सार्थक-पीडीएस फेज-2 के जरिए राशन वितरण प्रणाली को आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जाएगा। इस योजना में एआई-इनेबल्ड लाभार्थी रजिस्ट्री, जीपीएस ट्रैकिंग, क्यूआर कोड टैगिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं शामिल की जाएंगी। इसके अलावा आधुनिक सप्लाई चेन मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए खाद्यान्न वितरण की पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखी जाएगी, जिससे गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी।

हितग्राहियों तक समय पर पहुंचेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद पात्र हितग्राहियों तक सस्ते अनाज और खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंच सकेगा। उन्होंने कहा कि कई बार तकनीकी और प्रशासनिक खामियों के कारण जरूरतमंद लोगों को समय पर राशन नहीं मिल पाता था, लेकिन अब नई प्रणाली इन समस्याओं को काफी हद तक दूर करेगी।

डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता है पारदर्शिता

विष्णु देव साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार गरीबों तक योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर ऐसी व्यवस्थाएं विकसित कर रही हैं, जिससे अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के पहुंचे। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि सार्थक-पीडीएस फेज-2 देशभर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक मजबूत करेगा और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को नई दिशा देगा।

खाद्य सुरक्षा तंत्र होगा और मजबूत

सरकार का मानना है कि इस परियोजना के लागू होने के बाद राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी, फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी और वास्तविक जरूरतमंद लोगों को लाभ मिल सकेगा। साथ ही राशन दुकानों से लेकर गोदामों तक पूरे नेटवर्क की डिजिटल निगरानी संभव हो पाएगी, जिससे वितरण प्रणाली अधिक विश्वसनीय और प्रभावी बनेगी।