नंदीग्राम में बदला चुनावी गणित, ममता गुट की प्रत्याशी ने छोड़ा मैदान

संचिता प्रधान डे के नामांकन वापसी के बाद कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन, ममता बोलीं- विपक्षी एकता के लिए लिया फैसला

नंदीग्राम में बदला चुनावी गणित, ममता गुट की प्रत्याशी ने छोड़ा मैदान

कोलकाता। नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में शुक्रवार को अचानक नया मोड़ आ गया। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस के प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला संचिता की नामांकन वापसी के बाद नहीं, बल्कि पहले ही लिया जा चुका था। इस फैसले के साथ नंदीग्राम में ममता गुट सीधे चुनाव मैदान से बाहर हो गया है।

नाम वापसी से पहले मुलाकात

संचिता प्रधान डे को 13 सितंबर को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने नंदीग्राम से प्रत्याशी घोषित किया था। कांग्रेस ने मिलन प्रधान को पहले ही उम्मीदवार बना दिया था। शुक्रवार को नामांकन वापसी की समय-सीमा समाप्त होने से एक दिन पहले संचिता ने चुनाव से हटने का फैसला किया।

नामांकन वापस लेने से पहले उनकी शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की खबर भी सामने आई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक मुलाकात नबन्ना स्थित राज्य सचिवालय में हुई। हालांकि संचिता ने अभी तक अपने फैसले की वजह सार्वजनिक नहीं की है, इसलिए इस मुलाकात को उनके निर्णय से सीधे जोड़ना पुष्ट तथ्य नहीं माना जा सकता।

कांग्रेस को समर्थन, रेजीनगर पर फैसला बाकी

ममता बनर्जी ने कहा कि उनका गुट नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में रहेगा। उन्होंने असम में भी कांग्रेस को समर्थन देने की बात कही। वहीं रेजीनगर विधानसभा सीट को लेकर अंतिम निर्णय बाद में लिए जाने की जानकारी दी।

ममता ने विपक्षी एकजुटता का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी से फोन पर हुई बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने INDIA गठबंधन के साथ मिलकर चुनावी मोर्चा मजबूत करने की बात कही।

बीजेपी पर निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता बनर्जी ने बीजेपी पर कई राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने लोकतंत्र, संविधान और शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। बीजेपी के खिलाफ कार्रवाई और विपक्षी आवाजों को दबाने के भी आरोप लगाए। ये ममता बनर्जी के राजनीतिक बयान हैं।

TMC के नाम और चुनाव चिह्न भी बदले

नंदीग्राम के घटनाक्रम के बीच चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों के लिए नए नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए। ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न मिला। दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चिह्न दिया गया।

आयोग ने इससे पहले दोनों गुटों के लिए पुराने ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फूल और घास’ चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगाई थी। नए नाम और चिह्न फिलहाल उपचुनावों के संदर्भ में लागू हैं।

अब कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में ममता गुट

संचिता प्रधान डे के चुनावी मैदान से हटने के बाद नंदीग्राम में ममता गुट का कोई प्रत्याशी नहीं है। ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान के समर्थन की घोषणा की है। उपचुनाव के लिए मतदान 6 अक्टूबर को होगा और 9 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी।

नंदीग्राम के साथ रेजीनगर विधानसभा सीट और असम की नगांव लोकसभा सीट पर भी उपचुनाव होने हैं। इन चुनावों में TMC के दोनों गुट पहली बार अपने नए नाम और चुनाव चिह्न के साथ मैदान में होंगे।