पश्चिम बंगाल में सुवेंदु सरकार के बड़े फैसले, महिलाओं को ₹3000 सहायता और मुफ्त बस यात्रा
कैबिनेट बैठक में सातवां वेतन आयोग, नई OBC जांच समिति और इलेक्ट्रिक बस सेवा समेत कई अहम निर्णयों पर लगी मुहर
पश्चिम बंगाल में सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari की सरकार लगातार ताबड़तोड़ फैसले ले रही है। सोमवार को हुई राज्य कैबिनेट की अहम बैठक में महिलाओं, सरकारी कर्मचारियों और आम जनता से जुड़े कई बड़े निर्णय लिए गए। सरकार ने ‘अन्नपूर्णा योजना’ के तहत महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने, मुफ्त बस यात्रा शुरू करने और सातवें वेतन आयोग के गठन जैसे फैसलों को मंजूरी दी है। वहीं OBC सूची को लेकर हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार नई प्रक्रिया शुरू करने का भी ऐलान किया गया।
पश्चिम बंगाल (ए)। राज्य सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से ‘अन्नपूर्णा योजना’ को मंजूरी दे दी है। योजना के तहत 1 जून 2026 से पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह 3 हजार रुपये की सहायता राशि भेजी जाएगी। इसके साथ ही राज्य परिवहन की सरकारी बसों में महिलाओं को निशुल्क यात्रा सुविधा भी मिलेगी।
सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 7वें वेतन आयोग का लाभ
कैबिनेट बैठक में राज्य के सरकारी कर्मचारियों और शैक्षणिक संस्थानों के कर्मचारियों के लिए सातवें राज्य वेतन आयोग के गठन को स्वीकृति दी गई। इस फैसले से लाखों कर्मचारियों की वेतन संरचना में बदलाव और भत्तों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है।
धार्मिक आधार पर मिलने वाली आर्थिक सहायता बंद
राज्य सरकार ने बड़ा नीतिगत फैसला लेते हुए धार्मिक पहचान के आधार पर दी जाने वाली सरकारी वित्तीय सहायता योजनाओं को बंद करने की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि अब योजनाओं का लाभ समान और पारदर्शी व्यवस्था के तहत दिया जाएगा।
CAA आवेदकों को भी योजना का लाभ
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत आवेदन करने वाले पात्र लोगों को भी अन्नपूर्णा योजना का लाभ मिलेगा। इसके अलावा मतदाता सूची संबंधी ट्रिब्यूनल सदस्यों को भी योजना के दायरे में शामिल किया गया है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद OBC सूची रद्द
कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने मौजूदा OBC सूची को निरस्त करने का फैसला लिया है। अब आरक्षण और कोटा पात्रता तय करने के लिए नई जांच समिति गठित की जाएगी। सरकार ने कहा कि आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ही होगी।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए इलेक्ट्रिक बसों पर जोर
राज्य में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए नई इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा प्रशासनिक कामकाज में तेजी और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अब हर 15 दिन में कैबिनेट बैठक आयोजित करने का भी फैसला लिया गया है।
suntimes 