बप्पा के 10 रूप, हर पंडाल की अलग कहानी; रायपुर में लेटे गणेश से हॉरर थीम तक आकर्षण
20 फीट की विशाल प्रतिमा से लेकर भालू पर बाल गणेश, शिव की हथेली, शेषनाग और नरसिंह की गोद तक दिखे अलग-अलग स्वरूप
रायपुर। गणेशोत्सव के दौरान रायपुर की गलियों और बाजारों में सजे पंडाल अब केवल पूजा के केंद्र नहीं रह गए हैं, बल्कि अलग-अलग कल्पनाओं और धार्मिक प्रसंगों को सामने रखने वाले आकर्षण का रूप लेते जा रहे हैं। इस बार शहर में गणेश प्रतिमाओं के कई अनोखे स्वरूप देखने को मिल रहे हैं। कहीं बप्पा लेटी हुई मुद्रा में नजर आ रहे हैं, कहीं बाल रूप में सफेद भालू की सवारी कर रहे हैं और कहीं रिद्धि-सिद्धि के साथ विवाह प्रसंग में दूल्हे के रूप में सजे हैं। कुछ स्थानों पर पंडाल की थीम ही इतनी अलग है कि रात में वहां पहुंचने वालों को रोमांच का अनुभव हो रहा है।
लेटे हुए हनुमान की तर्ज पर गणेश
नहरपारा में श्री जनजागृति गणेश उत्सव समिति ने इस बार करीब 20 फीट लंबी गणेश प्रतिमा स्थापित की है। प्रयागराज के प्रसिद्ध लेटे हुए हनुमान मंदिर की अवधारणा से प्रेरित इस प्रतिमा में गणेश जी को लेटी हुई मुद्रा में दिखाया गया है। सिंदूरी रंग, मुकुट, गहने और पारंपरिक सजावट के कारण प्रतिमा दूर से ही लोगों का ध्यान खींच रही है।
स्नो थीम में बाल गणेश
रामसागरपारा में गणेश प्रतिमा को पूरी तरह अलग कल्पना के साथ तैयार किया गया है। बाल गणेश को विशाल सफेद भालू के ऊपर बैठा दिखाया गया है। पास में भालू के शावक भी बनाए गए हैं। बर्फीले वातावरण और सफेद सजावट वाली इस थीम को खासतौर पर बच्चों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
शिव की हथेली बनी गणेश का आसन
पंडरी कपड़ा मार्केट में भगवान गणेश की प्रतिमा को भगवान शिव से जुड़े भाव के साथ प्रस्तुत किया गया है। यहां शिव की हथेली पर गणेश जी आराम की मुद्रा में बैठे हैं। हाथ में रुद्राक्ष की माला लिए शिव और लाल वस्त्रों में गणेश की यह प्रतिमा श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है।
विवाह मंडप में दूल्हे बने गणपति
रेलवे स्टेशन रोड पर गणेश उत्सव की झांकी में बप्पा का विवाह प्रसंग दिखाया गया है। भगवान गणेश को दूल्हे की पोशाक में सजाया गया है, जबकि रिद्धि-सिद्धि लाल लहंगे और चुनरी में वधु के रूप में नजर आती हैं। प्रतिमा को पारंपरिक धार्मिक स्वरूप में तैयार किया गया है।
मराठा अंदाज में लालबाग के राजा
बैरन बाजार में आशीर्वाद भवन के पास स्थापित प्रतिमा मुंबई के प्रसिद्ध लालबाग के राजा की शैली से प्रेरित है। गणेश जी को बड़े सिंहासन पर विराजमान किया गया है। सिर पर मराठा शैली की पगड़ी और माथे पर ‘जय भवानी’ लिखा तिलक प्रतिमा को विशिष्ट रूप देता है।
शेषनाग पर विराजमान गणेश
गुरुनानक चौक के पास सजाई गई झांकी में भगवान गणेश शेषनाग पर बैठे हैं। रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजी झांकी में शेषनाग को इस तरह बनाया गया है कि वह आगे-पीछे हिलता हुआ प्रतीत होता है। काले रंग की प्रतिमा पर स्वर्ण मुकुट और लाल रंग की सूंड विशेष आकर्षण पैदा करती है।
नवरत्नों से चमक रहा मुकुट और श्रृंगार
आजाद चौक से मोमिनपारा रोड के बीच गणेश जी की प्रतिमा में विशेष आभूषणों का इस्तेमाल किया गया है। मुकुट और कानों में नवरत्न लगाए गए हैं। आशीर्वाद की मुद्रा में बैठे बप्पा की प्रतिमा रात में रोशनी के बीच और भी आकर्षक नजर आती है।
दो मुख, दो रंग और शिव-विष्णु की अवधारणा
तात्यापारा चौक की गणेश प्रतिमा में दो मुखों का स्वरूप देखने को मिल रहा है। इसे शिव-विष्णु की अवधारणा से जोड़ा गया है। प्रतिमा के एक हिस्से में नीले रंग का प्रयोग विष्णु स्वरूप के लिए, जबकि दूसरे हिस्से में हरे रंग को शिव, प्रकृति और सौम्यता के प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल किया गया है। झांकी में दोनों शक्तियों के संतुलन का संदेश देने की कोशिश की गई है।
नरसिंह की गोद में बैठे बाल गणेश
फूल चौक की झांकी में भगवान नरसिंह की गोद में बाल गणेश को दिखाया गया है। नरसिंह भगवान बाल गणेश को स्नेहपूर्वक थामे हुए हैं। पूरी प्रस्तुति में संरक्षण और वात्सल्य का भाव उभरकर सामने आता है।
वीणा के साथ गणेश, चारों तरफ हरियाली
अश्वनी नगर की एक झांकी को जल-जंगल और संगीत की अवधारणा पर सजाया गया है। भगवान गणेश के हाथ में वीणा है और उन्हें संगीत की मुद्रा में दिखाया गया है। आसपास नृत्य करती गोपियों की प्रतिमाएं हैं। पंडाल में बेल, पेड़-पौधे, हरी घास और अन्य प्राकृतिक सजावट का इस्तेमाल किया गया है।
गणेश पंडाल में हॉरर का अनुभव
अश्वनी नगर में ही एक पंडाल ने अपनी अलग थीम से लोगों का ध्यान खींचा है। यहां गणेश उत्सव को हॉरर थीम के साथ जोड़ा गया है। पंडाल में प्रवेश के साथ ही कम रोशनी, कब्रों, लटकी हुई डरावनी आकृतियों और भूत-प्रेत के दृश्य दिखाई देते हैं। साउंड इफेक्ट के कारण वातावरण और ज्यादा रहस्यमय बन जाता है। धार्मिक आयोजन के बीच इस तरह की अलग प्रस्तुति लोगों के लिए कौतूहल का विषय बनी हुई है।
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