बीएसपी कर्मचारियों ने उठाई लंबित मांगों के निराकरण की आवाज
39 माह के एरियर्स के भुगतान से लेकर न्यूनतम इंसेंटिव बढ़ाने तक की मांग, इंटक ने प्रबंधन को सौंपा मांगपत्र
भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के नियमित कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर गुरुवार सुबह इंटक से संबद्ध यूनियनों ने मुर्गा चौक पर प्रदर्शन किया। सुबह 7:45 से 8:45 बजे तक चले प्रदर्शन में कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लंबित वेतन समझौते, एरियर्स, बोनस, इंसेंटिव और अन्य सुविधाओं से जुड़ी मांगों को जल्द पूरा करने की आवाज उठाई। प्रदर्शन के बाद सेल अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार पंडा के नाम संबोधित मांगपत्र आईआर विभाग को सौंपा गया।
स्टील एम्प्लाइज यूनियन-इंटक और स्टील ठेका श्रमिक यूनियन-इंटक के बैनर तले हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य और यूनियन से जुड़े कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से लंबित मांगों के कारण कर्मचारियों में असंतोष की स्थिति बन रही है। यूनियन ने प्रबंधन से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर कर्मचारियों को राहत देने की मांग की।
इंटक अध्यक्ष संजय साहू ने कहा कि कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों की लंबित समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निराकरण होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की संतुष्टि और मनोबल सीधे तौर पर संयंत्र के उत्पादन, उत्पादकता और लाभार्जन से जुड़ा है। लंबित मांगों के समाधान से कर्मचारियों में विश्वास बढ़ेगा और वे बेहतर कार्य के लिए अधिक उत्साह के साथ योगदान दे सकेंगे।
इन मांगों को लेकर प्रदर्शन
वेतन समझौता और एरियर्स: यूनियन ने 1 जनवरी 2017 से लंबित वेतन समझौते को जल्द पूरा करने और 39 माह के एरियर्स का भुगतान करने की मांग की है।
नए वेज रिवीजन की तैयारी: 1 जनवरी 2027 से लागू होने वाले नए वेज रिवीजन के लिए तत्काल कमेटी गठित करने तथा जनवरी 2027 में नया वेतन समझौता करने की मांग रखी गई है।
दुर्घटना बीमा बढ़ाने की मांग: बीएसपी कर्मचारियों के दुर्घटना बीमा की राशि 30 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए करने की मांग की गई है।
बोनस में संशोधन: सेल में एपीएलआईएस/बोनस के मौजूदा फार्मूले में आवश्यक बदलाव कर कर्मचारियों को अधिकतम बोनस का भुगतान दुर्गा पूजा से पहले करने की मांग यूनियन ने उठाई है।
इंसेंटिव बढ़ाने की मांग: मंथली इंसेंटिव स्कीम में बदलाव करते हुए प्रत्येक कर्मचारी के लिए न्यूनतम 10 हजार रुपए प्रतिमाह इंसेंटिव सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
मोटिवेशन स्कीम शुरू करने की मांग: कर्मचारियों के कार्य और योगदान को प्रोत्साहित करने के लिए नॉन-फाइनेंशियल मोटिवेशन स्कीम को दोबारा लागू करने की मांग की गई है।
आवास सुविधा बहाल करने की मांग: कर्मचारियों के लिए 650 वर्गफीट तक के आवास के लाइसेंस, रिटेंशन तथा सब्जेक्ट टू वेकेशन के आधार पर आवास आवंटन की व्यवस्था फिर से शुरू करने की मांग रखी गई है।
फेस्टिवल एडवांस बढ़ाने की मांग: कर्मचारियों को मिलने वाले फेस्टिवल एडवांस की राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपए करने की मांग भी मांगपत्र में शामिल की गई है।
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