महिला पत्रकारों के साहस से मजबूत हो रहा लोकतंत्र का चौथा स्तंभ : मुख्यमंत्री साय

गुजरात अध्ययन भ्रमण से लौटी महिला पत्रकारों से मुख्यमंत्री की मुलाकात, अनुभवों को किताब का रूप देने का दिया सुझाव

महिला पत्रकारों के साहस से मजबूत हो रहा लोकतंत्र का चौथा स्तंभ : मुख्यमंत्री साय

छत्तीसगढ़ की महिला पत्रकारों के साहस, समर्पण और योगदान की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सराहना करते हुए कहा कि महिला पत्रकार अपने कार्य से लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूती प्रदान कर रही हैं। गुजरात के अध्ययन भ्रमण से लौटी महिला पत्रकारों के दल से मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में हुई मुलाकात के दौरान उन्होंने यह बातें कही।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गुजरात के अध्ययन भ्रमण से लौटी महिला पत्रकारों के दल से सौहार्दपूर्ण मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारिता जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में महिलाएं साहस और जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रही हैं, जो लोकतंत्र को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाली सभी महिला पत्रकार प्रशंसा की पात्र हैं।

महिला पत्रकारों के दल ने मुख्यमंत्री को गुजराती अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर पहली बार छत्तीसगढ़ से महिला पत्रकारों के अध्ययन भ्रमण को स्वीकृति देने के लिए आभार व्यक्त किया। पत्रकारों ने बताया कि विगत वर्ष महिला दिवस के अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष यह मांग रखी थी, जिसे पूरा किए जाने से वे अत्यंत प्रसन्न हैं।

मुख्यमंत्री साय ने चर्चा के दौरान कहा कि गुजरात अध्ययन भ्रमण के दौरान महिला पत्रकारों ने गुजरात विधानसभा, सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, राजकोट, पोरबंदर सहित अनेक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का अवलोकन किया। ये अनुभव उनकी लेखनी को और समृद्ध करेंगे, जिससे पत्रकारिता जगत के साथ-साथ पाठकों को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने महिला पत्रकारों को इस भ्रमण के अनुभवों को पुस्तक के रूप में संजोने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने गुजरात को एक समृद्ध और मॉडल राज्य बताते हुए कहा कि वहां सहकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। अमूल सहकारिता इसका सशक्त उदाहरण है, जिसमें महिलाओं की अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी सहकारिता को बढ़ावा दिया जा रहा है और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में इस दिशा में तेजी से काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। मंत्रालय में ई-फाइल प्रणाली लागू की गई है। उन्होंने गुजरात के सीएम डैशबोर्ड का उल्लेख करते हुए बताया कि यह देश की सबसे उन्नत मॉनिटरिंग प्रणालियों में से एक है, जिससे एक स्थान से पूरे राज्य की निगरानी संभव होती है।

इस अवसर पर महिला पत्रकारों ने भी अपने अनुभव साझा किए। निशा द्विवेदी ने गुजरात की समृद्ध संस्कृति और इतिहास से परिचित होने की बात कही। दामिनी बंजारे ने इसे अपने पत्रकारिता जीवन का पहला ऐसा अनुभव बताया। नूरजहां (कोरिया) ने महिलाओं को प्राथमिकता दिए जाने पर प्रसन्नता जताई। उत्तरा विदानी (महासमुंद) ने गुजरात विधानसभा की कार्यप्रणाली की सराहना की, वहीं कोमल धनेसर (भिलाई) ने इसे छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष में ऐतिहासिक अवसर बताया।

रायपुर की नेहा श्रीवास्तव, रचना नितेश, प्रियंका जायसवाल (बस्तर) और राजश्री गुप्ते (कोरबा) ने भी इस आठ दिवसीय भ्रमण को सीख, आत्मीयता और नए अनुभवों से भरपूर बताया। पत्रकारों ने बताया कि कई सदस्यों की यह पहली हवाई यात्रा थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कराते हुए कहा कि पहली हवाई यात्रा करने वालों को पार्टी देनी पड़ती है, जिससे सभागार में ठहाके गूंज उठे।

महिला पत्रकारों ने इस सफल आयोजन के लिए जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल, अपर संचालक संजीव तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह सहित जनसंपर्क विभाग के अधिकारी और महिला पत्रकार उपस्थित थे।