राजीव भवन में कांग्रेस की अनुशासन बैठक, 36 वापसी आवेदनों पर हुई चर्चा

चुनाव के दौरान हुई कार्रवाई की समीक्षा; कुछ नेताओं को राहत, जोगी परिवार और बृहस्पति सिंह के मामलों में अभी स्थिति साफ नहीं

राजीव भवन में कांग्रेस की अनुशासन बैठक, 36 वापसी आवेदनों पर हुई चर्चा

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में निष्कासित नेताओं की वापसी को लेकर संगठन स्तर पर प्रक्रिया शुरू हो गई है। राजीव भवन में हुई अनुशासन समिति की बैठक में पार्टी में वापसी के लिए मिले 36 आवेदनों पर मंथन किया गया। बैठक में चुनाव के दौरान की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी समीक्षा हुई। कुछ प्रकरणों में निष्कासन खत्म करने की दिशा में निर्णय लिया गया, जबकि कई मामलों में अंतिम फैसला फिलहाल रोक दिया गया है।

36 नामों पर चर्चा, कई मामलों में जिला संगठन की राय भी ली जाएगी

अनुशासन समिति के सामने कुल 36 आवेदन रखे गए। इनमें निष्कासित नेताओं की पार्टी में वापसी से जुड़े मामले शामिल थे। कुछ नेताओं द्वारा दिए गए माफीनामे और संबंधित मामलों की परिस्थितियों पर विचार के बाद राहत देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। कुछ अन्य मामलों में संबंधित जिला कांग्रेस कमेटियों से अभिमत लेने की बात सामने आई है।

अमित जोगी का मामला अभी विचाराधीन

बैठक में अमित जोगी से जुड़े प्रकरण पर भी चर्चा हुई, लेकिन उनकी वापसी को लेकर अंतिम निर्णय नहीं हुआ। अनुशासन समिति ने मामले को फिलहाल लंबित रखा है। रेणु जोगी और बृहस्पति सिंह से संबंधित प्रकरणों पर भी अभी अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।

मीडिया में पार्टी विरोधी बयान भी अनुशासन के दायरे में

बैठक में नेताओं की सार्वजनिक गतिविधियों और बयानों को लेकर पार्टी की अनुशासन व्यवस्था पर चर्चा हुई। समिति के अनुसार पार्टी के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी या गतिविधियों को अनुशासनहीनता माना जा सकता है। मीडिया के जरिए दिए गए ऐसे बयानों पर भी कार्रवाई का प्रावधान रहेगा।

बैठक में ये नेता रहे मौजूद

बैठक में वरिष्ठ नेता धनेन्द्र साहू, प्रभारी सचिव एस. संपत, जरिता लैतफलांग और विजय जांगिड़ सहित कई पदाधिकारी शामिल हुए। मलकीत सिंह गैदू, धनेश पाटिला, प्रतिमा चंद्राकर, रवि घोष, जेपी श्रीवास्तव, दीपक मिश्रा और नरेश ठाकुर सहित समिति के अन्य सदस्य भी बैठक में मौजूद रहे।

लंबित मामलों पर बाद में होगा फैसला

समिति ने सभी आवेदनों पर एक साथ अंतिम निर्णय लेने के बजाय प्रकरणों की स्थिति के अनुसार आगे बढ़ने का फैसला किया है। कुछ मामलों में कार्रवाई समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि लंबित मामलों पर अगली बैठक में विचार किया जाएगा।