रायपुर निगम में सियासी एकजुटता, जनता की अनदेखी पर भाजपा-कांग्रेस पार्षदों का हल्लाबोल
जोन-8 कार्यालय में कर्मचारियों को बाहर कर की तालाबंदी, वार्डों के रुके काम और बुनियादी सुविधाओं की बदहाली को लेकर जताई नाराजगी
रायपुर। नगर निगम के जोन-8 कार्यालय में शुक्रवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने एक साथ पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में देरी और जनता की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज पार्षदों ने कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने नारेबाजी करते हुए कर्मचारियों को कार्यालय से बाहर निकलवाया और इसके बाद मुख्य कार्यालय में ताला लगा दिया।
दल अलग, लेकिन मुद्दे पर एक साथ आए जनप्रतिनिधि
प्रदर्शन की खास बात यह रही कि भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार कर स्थानीय समस्याओं के मुद्दे पर एकजुटता दिखाई। जोन अध्यक्ष भी उनके साथ धरने पर बैठे। पार्षदों का कहना था कि वार्डों में सड़क, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित कार्यों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन निगम स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है।
शिकायतों के बाद भी नहीं मिल रहा समाधान
पार्षदों ने निगम प्रशासन पर क्षेत्र की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि जनता अपनी परेशानियों को लेकर जनप्रतिनिधियों के पास पहुंचती है, लेकिन अधिकारियों के स्तर पर काम नहीं होने से उन्हें जवाब देना मुश्किल हो रहा है। लंबे समय से अटके कार्यों के कारण नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
जनता के हितों को लेकर आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शनकारी पार्षदों ने स्पष्ट किया कि वार्डों की समस्याओं का निराकरण कराना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना निगम प्रशासन का दायित्व है। उन्होंने लंबित कार्यों को शीघ्र शुरू कराने और शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई की मांग की। पार्षदों ने दो टूक कहा कि जनहित के मुद्दों पर वे किसी तरह का समझौता नहीं करेंगे।
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