विकास परियोजनाओं से बदलेगी सूरजपुर की तस्वीर, 117 कार्यों को मिली गति
प्रेमनगर में 232.49 करोड़ रुपये के कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन, नगर पंचायत के लिए 2.70 करोड़ की अतिरिक्त घोषणा
रायपुर। सूरजपुर जिले में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 232 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। प्रेमनगर में आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल मुख्यमंत्री ने 24 करोड़ 29 लाख रुपये के 63 पूर्ण कार्य जनता को समर्पित किए, जबकि 208 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत वाली 54 परियोजनाओं की आधारशिला रखी। उन्होंने प्रेमनगर नगर पंचायत में अतिरिक्त विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ 70 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर क्षेत्र में विकास की समान संभावनाएं तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और पेयजल जैसी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सूरजपुर में शुरू होने वाले ये कार्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ स्थानीय विकास को भी गति देंगे।
प्रेमनगर में विकास को लेकर तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। मंगल भवन के पास डोम निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये, इंडोर स्टेडियम के लिए 50 लाख रुपये और वार्ड 10, 11 एवं 12 से विश्रामगृह तक लगभग दो किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 1.20 करोड़ रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र की प्राथमिक जरूरतों के अनुरूप योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। प्रतिकूल मौसम के चलते कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंच पाने पर उन्होंने खेद जताते हुए जिला प्रशासन की तैयारियों की सराहना की।
जल संरक्षण के प्रयासों में सूरजपुर अव्वल
सूरजपुर ने जल संचय जनभागीदारी अभियान में प्रदेश में पहला और देश में चौथा स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री ने इसे जनसहभागिता और प्रशासनिक समन्वय का परिणाम बताते हुए जिले की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पानी के गिरते स्तर और वर्षा के बदलते स्वरूप को देखते हुए जल स्रोतों को बचाना जरूरी है। इसी दिशा में जिले में 2,212 जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों पर करीब 130.56 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन परियोजनाओं से वर्षा जल को सहेजने और भूजल स्तर में सुधार के प्रयासों को बल मिलेगा।
धान खरीदी से लेकर सिंचाई तक किसानों को राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय और कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। खरीदी व्यवस्था को सुविधाजनक बनाने के लिए 360 नए केंद्रों को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही सिंचाई संसाधनों के विस्तार के लिए 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। पुरानी और जर्जर सिंचाई योजनाओं को सुधारने के लिए भी लगभग 1,500 योजनाओं के जीर्णोद्धार पर 2,800 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
महिलाओं और वनवासी परिवारों को आर्थिक मजबूती
मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। वहीं, प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए करीब 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, कमार, बैगा और अबूझमाड़िया समुदायों तक आवास एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा किए जाने से वनवासी परिवारों की आमदनी को भी सहारा मिला है।
बस्तर और सरगुजा में विकास के नए रास्ते
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में मिली सफलता के बाद बस्तर के अनेक क्षेत्रों में विकास गतिविधियों को विस्तार देने की संभावनाएं बढ़ी हैं। सड़क, बिजली, पानी, आवास और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं के माध्यम से दूरस्थ इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर और सरगुजा की प्राकृतिक संपदा, संस्कृति और पर्यटन स्थलों को प्रोत्साहित करने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
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