सहारा निवेश घोटाले में तीन साल से फरार शाखा प्रबंधक गिरफ्तार
'ऑपरेशन क्लीन हंट' के तहत पुलिस की कार्रवाई, 3,848 निवेशकों से 40.78 करोड़ की कथित ठगी मामले में न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
*रायगढ़ में सहारा इंडिया निवेश घोटाले से जुड़े बहुचर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब तीन वर्षों से फरार चल रहे शाखा प्रबंधक को 'ऑपरेशन क्लीन हंट' अभियान के तहत गिरफ्तार किया गया है। जांच में हजारों निवेशकों से करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी का खुलासा होने के बाद पुलिस मामले के अन्य फरार आरोपियों की भी तलाश में जुटी है।*
रायगढ़। सहारा इंडिया निवेश घोटाले के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे कबीर चौक शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक को रायगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी करीब तीन वर्षों से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2022 में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सहारा इंडिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों ने कंपनी की विश्वसनीयता तथा निवेश पर सुरक्षित और आकर्षक रिटर्न का भरोसा देकर कई योजनाओं में बड़ी राशि जमा कराई। निवेश अवधि पूरी होने के बाद भी राशि वापस नहीं की गई, जिससे निवेशकों के साथ कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया।
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आए कि निवेशकों से एकत्र की गई रकम के एवज में विभिन्न सहकारी समितियों के नाम से बॉन्ड जारी किए गए। पुलिस का दावा है कि पूरी प्रक्रिया सुनियोजित तरीके से अपनाई गई, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग आर्थिक नुकसान का शिकार हुए।
फरार आरोपी की तलाश के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। 'ऑपरेशन क्लीन हंट' अभियान के दौरान सूचना मिली कि आरोपी अपने ससुराल क्षेत्र में आया हुआ है। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने दबिश देकर उसे हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद विधिवत गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी के कब्जे से शाखा संचालन से जुड़े प्रशासनिक दस्तावेज, कंपनी के एमओयू की प्रतियां और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जब्त दस्तावेज जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में शामिल किए जाएंगे।
इस प्रकरण में इससे पहले भी कंपनी से जुड़े कई पदाधिकारियों और अधिकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस उनके विरुद्ध न्यायालय में चालान प्रस्तुत कर चुकी है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
जांच के अनुसार रायगढ़ सहित अन्य जिलों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर अब तक 3,848 निवेशकों के साथ 40 करोड़ 78 लाख 16 हजार 739 रुपये की कथित धोखाधड़ी सामने आई है। मामले में आईडी कार्ड, नियुक्ति संबंधी दस्तावेज, बैंक खातों का विवरण, संपत्ति के कागजात तथा कथित रूप से धोखाधड़ी की रकम से खरीदे गए वाहन भी जब्त किए जा चुके हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि आर्थिक अपराधों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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