स्मार्ट मीटर पर गरमाई सियासत, महंत ने CM को पत्र लिखकर उठाए रीडिंग पर सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने कहा- उपकरण बंद होने के बाद भी यूनिट बढ़ने की शिकायतें, तकनीकी जांच के बाद गड़बड़ी वाले मीटर बदलें

स्मार्ट मीटर पर गरमाई सियासत, महंत ने CM को पत्र लिखकर उठाए रीडिंग पर सवाल

रायपुर। स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों और नगरीय निकाय क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की ओर से शिकायतें मिलने की बात नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र में कही है। महंत के अनुसार स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कुछ उपभोक्ताओं ने बिजली की खपत और बिल में अपेक्षा से अधिक बढ़ोतरी की जानकारी दी है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से इन शिकायतों की जांच कराने के लिए बिजली विभाग को आवश्यक निर्देश देने की मांग की है।

बिजली उपकरण बंद होने पर भी रीडिंग बढ़ने का दावा

महंत ने पत्र में ऐसे मामलों का भी उल्लेख किया है, जिनमें उपभोक्ताओं ने घर के प्रमुख विद्युत उपकरण बंद करने के बाद भी स्मार्ट मीटर की यूनिट बढ़ने की बात कही है। उनके अनुसार कुछ उपभोक्ताओं ने इस संबंध में वीडियो और अन्य प्रमाण भी उपलब्ध कराए हैं।

उन्होंने कहा कि केवल शिकायतों के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय पूरे मामले की तकनीकी जांच जरूरी है। जांच के माध्यम से मीटर की कार्यप्रणाली और रीडिंग में संभावित गड़बड़ी की वास्तविक वजह सामने लाई जा सकती है।

पुराने मीटर से तुलना की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने स्मार्ट मीटर से पहले लगे इलेक्ट्रॉनिक मीटरों की रीडिंग और मौजूदा स्मार्ट मीटर की खपत के बीच तुलना कराने की भी मांग की है। पत्र में कहा गया है कि कई उपभोक्ताओं ने पुराने मीटर की तुलना में स्मार्ट मीटर में अधिक यूनिट दर्ज होने की शिकायत की है।

महंत के मुताबिक शिकायतों का परीक्षण करने के बाद ही यह तय हो सकेगा कि मामला वास्तविक खपत बढ़ने का है या मीटर से जुड़ी तकनीकी समस्या का।

जांच के बाद दोषपूर्ण मीटर बदलने की मांग

महंत ने सरकार से मांग की है कि शिकायत प्राप्त होने वाले स्मार्ट मीटरों की जांच कराई जाए। यदि जांच में मीटर में तकनीकी खराबी सामने आती है तो उसे तत्काल बदला जाए। साथ ही उपभोक्ताओं की शिकायतों के निपटारे के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग भी की गई है।

उपभोक्ताओं के हित में हो समाधान’

नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र में कहा है कि बिजली उपभोक्ताओं में किसी भी तरह की असमंजस की स्थिति नहीं रहनी चाहिए। गरीब, किसान और मध्यम वर्ग के परिवारों पर बढ़े हुए बिजली बिल का सीधा आर्थिक असर पड़ सकता है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों का परीक्षण कराने और वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है। अब इस मामले में सरकार और बिजली विभाग की ओर से होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।