12 साल बाद चला बुलडोजर, ईडब्ल्यूएस जमीन से हटाया गया अतिक्रमण

भिलाई निगम की बड़ी कार्रवाई; मदरसा, बाउंड्रीवॉल समेत अवैध कब्जे हटाए गए, अब बनेगा प्रधानमंत्री आवास परियोजना का रास्ता साफ

भिलाई नगर निगम ने लंबे समय से विवादों में रही ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए बड़ा अभियान चलाया। अयप्पा नगर स्थित आनंद विहार और उल्लास नगर कॉलोनी की आरक्षित भूमि पर वर्षों से किए गए कब्जों को भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हटाया गया। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद हुई इस कार्रवाई से अब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

भिलाई। धार्मिक संस्थाओं और अन्य निर्माणों के नाम पर ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ भिलाई नगर निगम ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 12 वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमण को हटा दिया। अयप्पा नगर क्षेत्र के आनंद विहार और उल्लास नगर में स्थित लगभग सवा एकड़ भूमि पर बुलडोजर चलाकर मदरसा, बाउंड्रीवॉल सहित अन्य अवैध निर्माणों को हटाया गया।

कार्रवाई की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। सुबह से ही अतिक्रमण स्थल को चारों ओर से घेर लिया गया था। चार थाना प्रभारियों, भारी पुलिस बल, एसडीएम, तहसीलदार और निगम प्रशासन की संयुक्त टीम की मौजूदगी में करीब तीन घंटे तक अभियान चलाया गया।

निगम आयुक्त राजीव पांडे ने बताया कि वर्ष 2014 से निगम प्रशासन इस भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का प्रयास कर रहा था, लेकिन विभिन्न कारणों से सफलता नहीं मिल पाई। हाल ही में हाईकोर्ट के निर्देश मिलने के बाद निगम ने जिला कलेक्टर और दुर्ग एसएसपी से सुरक्षा एवं प्रशासनिक सहयोग मांगा था, जिसके बाद यह कार्रवाई संभव हो सकी।

उन्होंने बताया कि आनंद विहार और उल्लास नगर कॉलोनियों के विकास के दौरान नियमों के तहत 15 प्रतिशत भूमि ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए आरक्षित रखी गई थी। इसी भूमि पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाए जाने थे, लेकिन वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जों के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी।

निगम प्रशासन के अनुसार अब भूमि पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त हो चुकी है और यहां प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। आयुक्त ने यह भी कहा कि यदि अतिक्रमण हटाने से प्रभावित लोग पात्रता के आधार पर आवेदन करते हैं तो उन्हें नियमानुसार प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने पर विचार किया जाएगा। हालांकि अब तक इस संबंध में किसी ने आवेदन प्रस्तुत नहीं किया है।

विशेष बात यह रही कि पूरे अभियान के दौरान किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन या तनाव की स्थिति निर्मित नहीं हुई। प्रशासन की रणनीतिक तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

निगम अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक और गरीबों के हितों के लिए आरक्षित भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।