25वीं मंजिल पर सट्टे का पैनल, दुर्ग पुलिस ने ठाणे में पकड़े 10 आरोपी
दो सट्टा ऐप के पैनल संचालन का मामला, म्यूल खातों के जरिए रकम के लेन-देन की आशंका; इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त
किराए के फ्लैट में रहकर ऑनलाइन सट्टे का पैनल संचालित करने के आरोप में दुर्ग पुलिस ने ठाणे से 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी बहुमंजिला इमारत की 25वीं मंजिल पर बैठकर कथित तौर पर सट्टे का कारोबार चला रहे थे। पुलिस को मौके से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन और लैपटॉप मिले हैं। शुरुआती जांच में बैंक खातों से करोड़ों रुपए के लेन-देन के संकेत मिले हैं।
दुर्ग-भिलाई। ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ कार्रवाई के लिए दुर्ग पुलिस की टीम महाराष्ट्र के ठाणे पहुंची, जहां किराए के फ्लैट से संचालित हो रहे सट्टा पैनल का खुलासा हुआ। एंटी साइबर क्राइम यूनिट और वैशाली नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी रेड्डी अन्ना-162 और फेयरप्ले दर्पण ऐप के पैनल चलाने में शामिल थे।
पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ युवक म्यूल बैंक खातों के जरिए ऑनलाइन सट्टे की रकम का लेन-देन कर रहे हैं। इसके बाद टीम ने ठाणे में संबंधित ठिकानों पर दबिश दी। जांच में पता चला कि आरोपी एक बहुमंजिला इमारत की 25वीं मंजिल पर किराए के फ्लैट में रह रहे थे। इसी ठिकाने से सट्टा पैनल संचालित किए जाने की बात सामने आई है।
काम के बदले मिलते थे 20 से 25 हजार रुपए
जांच के अनुसार, विष्णु तिवारी और मेहुल निषाद कथित तौर पर सट्टा पैनल के संचालन में प्रमुख भूमिका निभा रहे थे। वे दूसरे स्थानों से युवकों को अपने साथ जोड़ते थे। इन युवकों को फ्लैट में रहकर काम करना पड़ता था और इसके बदले 20 से 25 हजार रुपए महीने दिए जाते थे। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि पैनल के संचालन, खातों के इस्तेमाल और रकम के हस्तांतरण में कौन-कौन शामिल था।
व्हाट्सएप ग्रुप से साझा होती थी जानकारी
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने आपसी संपर्क और कामकाज से जुड़ी जानकारी साझा करने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था। इस ग्रुप के संदेशों और जब्त मोबाइल फोन की जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि डिजिटल रिकॉर्ड से सट्टे के नेटवर्क की कार्यप्रणाली और दूसरे सदस्यों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।
31 मोबाइल और 4 लैपटॉप जब्त
दबिश के दौरान पुलिस ने 31 मोबाइल फोन, 4 लैपटॉप, एटीएम कार्ड, बैंक खातों का विवरण, सट्टे के हिसाब-किताब से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में बैंक खातों से करोड़ों रुपए के लेन-देन के संकेत मिले हैं। पुलिस इन खातों की पड़ताल कर रही है, ताकि रकम के स्रोत और संभावित लाभार्थियों की पहचान हो सके।
संतोष राम को सौंपी गई थी सामान लाने की जिम्मेदारी
गिरफ्तार लोगों में बिहार निवासी संतोष राम भी है। पुलिस के अनुसार, वह फ्लैट में रहने वाले अन्य आरोपियों के लिए राशन और जरूरी सामान लाने का काम करता था। पुलिस सभी आरोपियों की अलग-अलग भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क का संचालन कहां से होता था और इसके संपर्क किन अन्य लोगों से थे।
10 आरोपी गिरफ्तार, आगे की जांच जारी
पुलिस ने विष्णु तिवारी, मेहुल निषाद, अंकित निषाद, नितेश कुमार, नरेश कन्हाई, दीपक कश्यप, हर्षवर्धन निषाद, संतोष राम, भुवन देवांगन और चेतन ध्रुव को गिरफ्तार किया है।
दुर्ग के एएसपी शोभराज अग्रवाल ने बताया कि ठाणे में ऑनलाइन सट्टा संचालित किए जाने की सूचना पर वैशाली नगर पुलिस और एसीसीयू की टीम ने संयुक्त कार्रवाई की। दो मकानों में दबिश देकर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंकिंग रिकॉर्ड से संबंधित सामग्री जब्त की गई है।
एएसपी के अनुसार, बैंक खातों में करोड़ों रुपए के लेन-देन की जानकारी सामने आई है। मोबाइल फोन और लैपटॉप से मिले डेटा की जांच के जरिए नेटवर्क के अन्य सदस्यों और वित्तीय गतिविधियों का पता लगाया जा रहा है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है।
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