36 घंटे की बारिश से छत्तीसगढ़ बेहाल, कई इलाकों में अब भी पानी का सैलाब
रायपुर में महादेवघाट पुल के ऊपर पानी, दुर्ग में रेस्क्यू ऑपरेशन; धमतरी में कार बहने पर दो लोगों ने शीशा तोड़कर बचाई जान
रायपुर। लगातार करीब डेढ़ दिन हुई बारिश ने छत्तीसगढ़ के कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश रुकने के बाद भी नदी-नालों में तेज बहाव और निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। रायपुर के महादेवघाट पुल पर पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। कई जिलों में घरों और सड़कों पर पानी भरने के साथ यातायात भी प्रभावित हुआ है।
रायपुर में बारिश थमने के बावजूद कई इलाकों में पानी नहीं उतर पाया है। महादेवघाट पुल के ऊपर करीब 2 फीट पानी बहने से आवागमन प्रभावित है। शहर के कई निचले हिस्सों में लोगों को जलभराव की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इंद्रप्रस्थ कॉलोनी फेस-2 के ईडब्ल्यूएस बी ब्लॉक में पानी भरने से पूरा क्षेत्र जलमग्न हो गया। एहतियात के तौर पर बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है। बिजली पैनल में करंट आने की शिकायत के बाद सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। भाटागांव में पानी के बीच एक कार और ट्रक फंस गए। प्रोफेसर कॉलोनी तथा काठाडीह बीएसयूपी कॉलोनी के घरों में भी पानी पहुंच गया।
पुल पार करते समय बह गई कार
धमतरी में तेज बहाव के बीच पुल पार करने की कोशिश एक कार सवार परिवार के लिए मुश्किल भरी साबित हुई। पानी के तेज बहाव में कार बह गई। वाहन में सवार दो लोगों ने किसी तरह शीशा तोड़ा और बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। गंगरेल बांध के 14 गेट खोले गए हैं और पानी की निकासी जारी है।
निचले इलाकों में बढ़ी परेशानी
दुर्ग में राहत एवं बचाव दल ने जलभराव वाले क्षेत्रों में अभियान चलाकर 55 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। जगदलपुर, गरियाबंद, कांकेर, बालोद और बिलासपुर के निचले इलाकों में भी कई घरों में पानी भरने की स्थिति बनी हुई है। बस्तर में सड़कें डूबने से आवाजाही प्रभावित हुई है।
भारी बारिश का असर रेल और हवाई यातायात पर भी पड़ा। प्रदेश में 6 ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि एक फ्लाइट भी निरस्त करनी पड़ी। प्रशासन ने जलभराव वाले रास्तों पर अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है।
स्कूलों में छुट्टी, अगले 24 घंटे भी अहम
मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रदेश के सभी स्कूलों में शनिवार को छुट्टी रखी गई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान कई क्षेत्रों में फिर बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान गरज-चमक के साथ भारी बारिश, आकाशीय बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन के दक्षिण ओडिशा और दक्षिण छत्तीसगढ़ तक पहुंचने के बाद प्रदेश में नमी बढ़ी थी। इसी के चलते कई इलाकों में तेज बारिश हुई। अब भी मौसम पूरी तरह साफ नहीं हुआ है, इसलिए नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की जरूरत है।
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