90 दिनों तक हवाई यात्रियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, टिकट मिलना हो सकता है कठिन,

90 दिनों तक हवाई यात्रियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, टिकट मिलना हो सकता है कठिन,

छत्तीसगढ़ के रायपुर से दिल्ली जाने वाले हवाई यात्रियों को जल्द झटका लग सकता है। इंडिगो और एयर इंडिया द्वारा उड़ानों में कटौती की तैयारी के बीच रायपुर-दिल्ली रूट की दो फ्लाइटें अस्थायी रूप से बंद हो सकती हैं।

छत्तीसगढ़ के रायपुर से दिल्ली की यात्रा करने वाले हवाई यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। देश की प्रमुख विमानन कंपनियां इंडिगो और एयर इंडिया 1 जून 2026 से अपने उड़ान संचालन में कटौती की तैयारी कर रही हैं। प्रस्तावित बदलाव के तहत रायपुर-दिल्ली रूट पर संचालित दो उड़ानों को अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है। हालांकि एयरलाइंस कंपनियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन देशभर में उड़ानों की संख्या कम करने की रणनीति का असर रायपुर पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

रायपुर-दिल्ली के बीच फिलहाल 8 उड़ानों का संचालन

वर्तमान में रायपुर और दिल्ली के बीच प्रतिदिन कुल 8 उड़ानों का संचालन हो रहा है। इनमें 6 उड़ानें इंडिगो और 2 उड़ानें एयर इंडिया संचालित करती हैं। यदि प्रस्तावित कटौती लागू होती है तो यात्रियों के लिए विकल्प सीमित हो सकते हैं और यात्रा की योजना प्रभावित हो सकती है।

अन्य रूटों पर भी दिखने लगा असर

उड़ानों में कटौती की प्रक्रिया कुछ अन्य मार्गों पर पहले ही शुरू हो चुकी है। इंडिगो की लखनऊ-रायपुर-भुवनेश्वर फ्लाइट, जो पहले सप्ताह के सातों दिन संचालित होती थी, अब केवल चार दिन ही संचालित की जा रही है। वहीं पुणे-रायपुर-चेन्नई उड़ान की आवृत्ति भी सात दिन से घटाकर सप्ताह में तीन दिन कर दी गई है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि एयरलाइंस कंपनियां अपने नेटवर्क का पुनर्गठन कर रही हैं।

यात्रियों की संख्या और परिचालन लागत बनी वजह

एविएशन क्षेत्र से जुड़े सूत्रों के अनुसार एयरलाइंस कंपनियां यात्रियों की संख्या, परिचालन खर्च और वैश्विक परिस्थितियों का आकलन कर अपने उड़ान नेटवर्क में बदलाव कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून सीजन से पहले एयरलाइंस कंपनियां मांग और लाभप्रदता के आधार पर शेड्यूल की समीक्षा करती हैं, जिसके चलते कई मार्गों पर उड़ानों की संख्या घटाई जाती है।

महंगे ATF ने बढ़ाई एयरलाइंस की चिंता

एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमतें भी इस फैसले की बड़ी वजह मानी जा रही हैं। ईंधन लागत बढ़ने से एयरलाइंस कंपनियों का संचालन खर्च काफी बढ़ गया है। ऐसे में कम यात्री संख्या वाले या कम लाभ वाले रूटों पर उड़ानों में कटौती की जा रही है ताकि लागत को नियंत्रित किया जा सके।

देशभर में हजारों उड़ानें हो सकती हैं प्रभावित

रिपोर्ट्स के मुताबिक एयर इंडिया अपनी घरेलू उड़ानों में लगभग 15 प्रतिशत तक कटौती करने की तैयारी में है। कंपनी वर्तमान में हर सप्ताह करीब 3,800 घरेलू उड़ानों का संचालन करती है। वहीं इंडिगो भी अपने नेटवर्क में 5 से 7 प्रतिशत तक कटौती कर सकती है। इंडिगो रोजाना लगभग 1,950 उड़ानें संचालित करती है। ऐसे में देशभर के कई प्रमुख रूट प्रभावित हो सकते हैं।

टिकट की उपलब्धता और किराए पर पड़ सकता है असर

यदि रायपुर-दिल्ली रूट पर उड़ानों की संख्या कम होती है तो यात्रियों को टिकट बुकिंग में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। मांग अधिक और उड़ानें कम होने की स्थिति में हवाई किराए बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है। विशेष रूप से व्यावसायिक यात्रियों और नियमित उड़ान भरने वाले यात्रियों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ सकता है।

अगले 90 दिनों तक रह सकता है प्रभाव

जानकारी के अनुसार प्रस्तावित कटौती 1 जून 2026 से लागू हो सकती है और इसका असर करीब 90 दिनों तक देखने को मिल सकता है। इस दौरान एयरलाइंस कंपनियां मांग और परिचालन स्थिति के आधार पर अपने शेड्यूल की समीक्षा करती रहेंगी। फिलहाल यात्रियों को नए फ्लाइट शेड्यूल और एयरलाइंस की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

यात्रियों को क्या करना चाहिए?

विशेषज्ञों का सुझाव है कि जिन यात्रियों को आगामी महीनों में दिल्ली की यात्रा करनी है, वे टिकट पहले से बुक करें और एयरलाइंस द्वारा जारी अपडेट पर नजर बनाए रखें। इससे अचानक होने वाले बदलावों और संभावित किराया वृद्धि से बचा जा सकता है।