कमजोर पड़ा चक्रवात, लेकिन बारिश और बाढ़ से कई राज्यों में संकट

ओडिशा में 300 गांव प्रभावित, 30 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला; आंध्र में रेलवे पुल डूबा, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में अलर्ट

कमजोर पड़ा चक्रवात, लेकिन बारिश और बाढ़ से कई राज्यों में संकट

भोपाल। चक्रवाती तूफान अर्नब कमजोर होकर डीप डिप्रेशन में बदल गया है, लेकिन इसके कारण देश के कई हिस्सों में बारिश, बाढ़ और यातायात बाधित होने की स्थिति बनी हुई है। सबसे अधिक असर ओडिशा और आंध्र प्रदेश में दिखाई दे रहा है। ओडिशा के गंजाम जिले में चार दिनों से लगातार बारिश होने के कारण करीब 300 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य में अब तक लगभग 30 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने के लिए हेलिकॉप्टर की मदद लेने की तैयारी की जा रही है। दोनों राज्यों में इस आपदा से करीब छह लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है।

आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में रेलवे पुल के पानी में डूब जाने से रेल परिचालन रोकना पड़ा है। पुल पर पानी भरने के कारण दोनों तरफ से ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए सड़क मार्ग का सहारा लेने की तैयारी की जा रही है। तेज हवाओं और भारी बारिश ने ओडिशा तथा आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में नुकसान पहुंचाया है। जगह-जगह पेड़ गिरने के साथ सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं।

कई राज्यों में अगले दो दिन तक बिगड़ा रह सकता है मौसम

चक्रवात का असर पूर्वी भारत से आगे बढ़कर मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत लगभग 15 राज्यों तक पहुंच गया है। बुधवार रात से कई इलाकों में बारिश हो रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले दो दिनों तक अनेक क्षेत्रों में वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट और ठंड बढ़ने की संभावना है। खराब मौसम की आशंका के मद्देनजर छत्तीसगढ़ के 12 तथा ओडिशा के 16 जिलों में गुरुवार को स्कूल बंद रखे गए हैं।

तट से टकराने के बाद कमजोर हुआ सिस्टम

चक्रवात अर्नब मंगलवार देर रात करीब 3:30 बजे आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था। इस दौरान 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और भारी बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, अब यह सिस्टम कमजोर होकर डीप डिप्रेशन में बदल चुका है। गुरुवार सुबह तक इसके डिप्रेशन में बदलने और शाम तक कम दबाव के क्षेत्र के रूप में रह जाने का अनुमान है। हालांकि, इसके प्रभाव से कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का असर बना रह सकता है।

ओडिशा के गजपति जिले में नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति है। पानी के तेज बहाव से कुछ सड़कें बह गई हैं। पुरी में समुद्र की ऊंची लहरों और तेज हवाओं के कारण तटीय इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है। तमिलनाडु के थूथुकुडी में समुद्र की स्थिति प्रतिकूल होने के कारण मछुआरे लगातार चौथे दिन मछली पकड़ने नहीं जा सके। दूसरी ओर, उत्तराखंड के केदारनाथ और सिक्किम के पाक्योंग जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी दर्ज की गई है।

भोपाल-ग्वालियर समेत 12 जिलों में बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में चक्रवात का असर लगातार बना हुआ है। बुधवार को सतना, कटनी और छतरपुर समेत कई जिलों में बारिश हुई। गुरुवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, बैतूल, हरदा और ग्वालियर समेत 12 जिलों में तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। दिल्ली-एनसीआर में भी बादल छाए हुए हैं और गाजियाबाद में सुबह हल्की बारिश हुई। मौसम के इस बदलाव से मैदानी क्षेत्रों में ठंड बढ़ने के आसार हैं, जबकि पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का दौर जारी है।