खरीदारी के लिए खास रहेगा रवि पुष्य नक्षत्र

1 नवंबर को बन रहा शुभ संयोग, मकान-जमीन की बुकिंग और नए कारोबार की शुरुआत को माना गया मंगलकारी

खरीदारी के लिए खास रहेगा रवि पुष्य नक्षत्र

दीपावली से पहले खरीदारी करने वालों के लिए 1 नवंबर का दिन धार्मिक मान्यताओं के लिहाज से खास रहेगा। रविवार को पुष्य नक्षत्र पड़ने से रवि पुष्य का संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इस दिन को सोना-चांदी, वाहन और संपत्ति की खरीदारी के साथ नए काम की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है।

दीपावली से पहले खरीदारी का शुभ अवसर

रवि पुष्य नक्षत्र को ज्योतिष शास्त्र में विशेष महत्व दिया गया है। इस बार 1 नवंबर, रविवार को पुष्य नक्षत्र का संयोग बनने से यह दिन खरीदारी और शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दीपावली के अवसर पर लोग घर, दुकान और प्रतिष्ठानों में लक्ष्मी-गणेश की पूजा करते हैं। वहीं व्यापारी नए बहीखाते शुरू कर कारोबार में उन्नति की कामना करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पुष्य नक्षत्र को स्थिरता, समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सोना-चांदी, वाहन, मकान, प्लॉट और व्यापार में उपयोग होने वाली वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है। हालांकि, खरीदारी के लिए सटीक मुहूर्त स्थानीय पंचांग के अनुसार देखना उचित रहेगा।

सूर्य और पुष्य नक्षत्र का विशेष संयोग

ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, रविवार सूर्यदेव से संबंधित है। ज्योतिष में सूर्य को प्रतिष्ठा, आत्मविश्वास और नेतृत्व का कारक माना जाता है। दूसरी ओर पुष्य नक्षत्र को शुभता और स्थायी उन्नति से जोड़कर देखा जाता है। इसी कारण रवि पुष्य के संयोग को नए कार्यों की शुरुआत और खरीदारी के लिए अनुकूल माना जाता है।

उन्होंने बताया कि इस दिन वाहन की डिलीवरी लेने, मकान या प्लॉट की बुकिंग कराने और नए काम की शुरुआत के लिए सूर्यास्त से पहले का समय प्राथमिकता में रखा जा सकता है। अन्य जरूरी सामान की खरीदारी भी पंचांग में बताए गए मुहूर्त के अनुसार की जा सकती है।

दान-पुण्य और सूर्य पूजा का महत्व

इस दिन सूर्यदेव को अर्घ्य देने की परंपरा है। सुबह तांबे के लोटे से जल अर्पित करते हुए ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप किया जा सकता है। इसके अलावा जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और धन का दान करने तथा घर या दुकान में लक्ष्मी-गणेश का पूजन करने की भी मान्यता है। धार्मिक विश्वास के अनुसार, ऐसे कार्यों से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।