भाई की जगह खड़ा किया हमशक्ल, संयुक्त जमीन का करा दिया सौदा
कुम्हली में 2021 की रजिस्ट्री पर विवाद; 1.23 हेक्टेयर जमीन के फर्जीवाड़े में क्रेता और गवाह गिरफ्तार, पहले ही पकड़ा जा चुका है जमीन मालिक का भाई
पाटन । पाटन के कुम्हली गांव में जमीन की रजिस्ट्री को लेकर सामने आए फर्जीवाड़े ने दस्तावेजी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि संयुक्त कृषि भूमि के एक हिस्सेदार की गैरमौजूदगी में उसकी जगह दूसरे व्यक्ति को पेश कर 1.23 हेक्टेयर जमीन का सौदा करा दिया गया। रजिस्ट्री के समय वास्तविक हिस्सेदार नागपुर में ड्यूटी पर था। मामले में पुलिस ने क्रेता और गवाह की भूमिका निभाने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
14 जुलाई 2021 को हुआ था जमीन का सौदा
कुम्हली के खसरा नंबर 854/1 की 1.23 हेक्टेयर कृषि भूमि संजय कुमार और ईश्वर दास के संयुक्त नाम पर थी। दोनों भाइयों की जमीन में बराबर हिस्सेदारी थी। पुलिस जांच के मुताबिक 14 जुलाई 2021 को इस जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई।
संजय कुमार का दावा है कि उस दिन वे नागपुर में विभागीय ड्यूटी पर थे। अपनी गैरमौजूदगी के प्रमाण के तौर पर उन्होंने संबंधित विभागीय दस्तावेज भी न्यायालय में पेश किए हैं।
पहचान का कथित तौर पर किया गया गलत इस्तेमाल
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संजय कुमार की जगह दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कराई गई। मामले में ईश्वर दास पर इस पूरी प्रक्रिया में भूमिका निभाने का आरोप है। बिक्री दस्तावेज में दिलीप बंजारे को जमीन का खरीदार और कन्हैया बंजारे को गवाह बनाया गया था।
रजिस्ट्री के बाद शुरू हुआ शिकायतों का दौर
संजय कुमार को जब रजिस्ट्री की जानकारी मिली तो उन्होंने 1 सितंबर 2021 को पंजीयन कार्यालय पाटन में विक्रय विलेख पर रोक लगाने के लिए आवेदन दिया। इसके बाद पाटन थाना, एसपी दुर्ग और कलेक्टर कार्यालय में भी शिकायत की गई। जब उन्हें राहत नहीं मिली तो उन्होंने न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया।
2023 में पुलिस को जांच के निर्देश
मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पाटन ने 2 फरवरी 2023 को धारा 156(3) के तहत पुलिस को एफआईआर दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया। आदेश के बाद पाटन पुलिस ने अपराध क्रमांक 42/2023 दर्ज किया। मामले में धोखाधड़ी, कूटरचना, फर्जी दस्तावेज के इस्तेमाल, आपराधिक षड्यंत्र और सामूहिक अपराध से संबंधित धाराएं लगाई गईं।
नामांतरण को लेकर भी कानूनी प्रक्रिया चली
जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए आवेदन किया गया। नायब तहसीलदार जामगांव (आर) न्यायालय में सुनवाई के बाद 30 मार्च 2022 को नामांतरण प्रमाणीकरण को लेकर आदेश पारित हुआ। इसके खिलाफ अपर कलेक्टर दुर्ग के समक्ष पुनरीक्षण आवेदन भी पेश किया गया।
तीन साल बाद दो आरोपियों तक पहुंची पुलिस
पुलिस के मुताबिक मामले का आरोपी ईश्वर दास 7 जून 2026 को गिरफ्तार हो चुका है। वहीं रजिस्ट्री में क्रेता बनाए गए दिलीप बंजारे और गवाह कन्हैया बंजारे लंबे समय से फरार थे। पुलिस ने दोनों की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर निगरानी रखी और 19 अगस्त को घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया।
न्यायालय ने दोनों को जेल भेजा
सिरसाकला निवासी दिलीप बंजारे (51) और भिलाई-3 निवासी कन्हैया बंजारे (52) को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया। दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब रजिस्ट्री के दौरान इस्तेमाल पहचान, दस्तावेजों, नामांतरण और इस मामले में जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
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