खास समाचार: सुपेला अस्पताल में लापरवाही: मरीज को चढ़ाया एक्सपायरी ग्लूकोज डिप, शरीर में जलन के बाद खुली पोल
तीन महीने पहले एक्सपायर हो चुकी दवा चढ़ाई गई, डॉक्टर ने लापरवाही पर कहा– “मरीज मरा तो नहीं”
दुर्ग जिले के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल सुपेला में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। एक युवक को तीन महीने पहले एक्सपायर हो चुका ग्लूकोज डिप चढ़ा दिया गया। शरीर में जलन होने पर जब परिजनों ने बॉटल की जांच की, तो एक्सपायरी की सच्चाई सामने आई। शिकायत के बावजूद मेडिकल स्टाफ की संवेदनहीन प्रतिक्रिया ने हालात को और चिंताजनक बना दिया।
भिलाई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले स्थित सुपेला के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में रविवार रात स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही की बानगी देखने को मिली। छावनी क्षेत्र निवासी दीपक कुमार अपने रिश्तेदारों से मिलने आया था, तभी अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान नर्स ने उसे जो ग्लूकोज डिप चढ़ाया, वह तीन महीने पहले ही एक्सपायर हो चुका था।
जानकारी के मुताबिक, डॉ. मंजू राठौर की नाइट ड्यूटी थी। उन्होंने मरीज को जनरल वार्ड में भर्ती कर डेक्सट्रोज डिप चढ़ाने का निर्देश दिया। नाइट शिफ्ट की नर्स ने मेडिकल स्टोर से जो डिप उठाया, वह फरवरी 2025 में एक्सपायर हो चुका था, बावजूद इसके उसे चढ़ा दिया गया।
सुबह होते ही दीपक ने शरीर में जलन की शिकायत की, जिस पर उसके जीजा अनिल सिंह ने डिप बॉटल की जांच की और एक्सपायरी डेट देख सन्न रह गए। जब उन्होंने नर्स से इस पर सवाल किया, तो वह पहले इंकार करती रही। लेकिन वीडियो और फोटो दिखाने के बाद गलती मान ली गई। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि डॉक्टर ने इस गंभीर चूक को हल्के में लेते हुए कहा, “मरीज मरा तो नहीं न, ऐसी गलतियां हो जाती हैं।”
डिप का बैच नंबर 1221910 था, जो मार्च 2022 में बना था और फरवरी 2025 में एक्सपायर हो चुका था। इसके बावजूद यह स्टॉक में मौजूद था और मरीजों को चढ़ाया जा रहा था।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पीयाम सिंह ने इस घटना को गंभीर माना है। उन्होंने कहा कि दवाइयों के स्टोर में पहुंचने से पहले तीन स्तर की जांच होती है। ऐसे में एक्सपायरी डिप कैसे स्टोर तक पहुंचा और नर्स ने उसे बिना जांच के कैसे लगा दिया, यह जांच का विषय है। उन्होंने जांच के आदेश दे दिए हैं और आश्वासन दिया है कि दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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