उतई में एसडीआरएफ की दमदार मॉक ड्रिल, 400 महिला कमांडो के सामने दिखाया आपदा प्रबंधन का कौशल

बाढ़, जल दुर्घटना और आपातकालीन बचाव कार्यों का किया गया प्रदर्शन, आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों की दी जानकारी

दुर्ग जिले के उतई थाना परिसर में एसडीआरएफ दुर्ग द्वारा बाढ़, फायर एवं सिविल डिफेंस से संबंधित व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। शमशाद बेगम और उनकी महिला कमांडो टीम के विशेष आग्रह पर आयोजित इस अभ्यास में लगभग 350 से 400 महिला कमांडो ने भाग लिया। एसडीओपी अनूप लकड़ा एवं थाना प्रभारी उतई की उपस्थिति में जवानों ने विभिन्न आपदा परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी बचाव कार्यों का जीवंत प्रदर्शन किया।

दुर्ग। जिला सेनानी नागेंद्र कुमार सिंह के निर्देश पर एसडीआरएफ दुर्ग की टीम ने उतई थाना परिसर में बाढ़, फायर एवं सिविल डिफेंस से संबंधित एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया। यह कार्यक्रम शमशाद बेगम एवं उनकी महिला कमांडो टीम के विशेष आग्रह पर आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 350 से 400 महिला कमांडो उपस्थित रहीं।

मॉक ड्रिल के दौरान एसडीओपी अनूप लकड़ा तथा थाना उतई प्रभारी की मौजूदगी में एसडीआरएफ जवानों ने विभिन्न आपदा परिस्थितियों में किए जाने वाले बचाव कार्यों का सजीव प्रदर्शन किया। अभ्यास के अंतर्गत बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया, नदी में डूबे व्यक्ति के शव की तलाश एवं डीप डाइविंग तकनीक, रेस्क्यू मोटर बोट के पलटने की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तथा आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक उपचार देने की विधियों का प्रदर्शन किया गया।

इसके अलावा जवानों ने सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) की प्रक्रिया का प्रदर्शन कर डूबे हुए व्यक्ति को जीवनरक्षक सहायता प्रदान करने के तरीकों की जानकारी दी। कार्यक्रम में आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों की कार्यप्रणाली और उनके प्रभावी उपयोग से भी उपस्थित प्रतिभागियों को अवगत कराया गया।

इस अवसर पर एसडीआरएफ की टीम ने आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वित कार्यप्रणाली और तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया। मॉक ड्रिल के माध्यम से न केवल आपदा से निपटने की तैयारियों का परीक्षण किया गया, बल्कि संबंधित अधिकारियों एवं प्रतिभागियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण और महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्राप्त हुईं।