पिता की अर्थी उठने से पहले बेटे ने भी ली अंतिम सांस, एक ही घर से उठीं दो अर्थियां, सिसक पड़ा पूरा गांव
राजनांदगांव के डोंगरगढ़ क्षेत्र में एक अत्यंत दुखद घटना घटी है, जिसमें भैंसरा निवासी सेवानिवृत शिक्षक कार्तिक उईके (81 वर्ष) के निधन के कुछ घंटों के बाद उनके पुत्र हीरा राम उईके (52 वर्ष) का भी आकस्मिक निधन हो गया।
राजनांदगांव के डोंगरगढ़ क्षेत्र में एक अत्यंत दुखद घटना घटी है, जिसमें भैंसरा निवासी सेवानिवृत शिक्षक कार्तिक उईके (81 वर्ष) के निधन के कुछ घंटों के बाद उनके पुत्र हीरा राम उईके (52 वर्ष) का भी आकस्मिक निधन हो गया। आज दोनों पिता-पुत्र एक ही दिन में देवलोक को प्रस्थान कर गए। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक सागर में डुबो दिया है।
बताया गया कि सेवानिवृत शिक्षक कार्तिक का घर पर निधन हुआ। बेटा हीरा राम डेढ़ माह से रायपुर के एक अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। पिता के निधन के बाद परिजन उन्हें दर्शन कराने के लिए भैंसरा लेकर आ रहे थे कि रास्ते में उनका भी निधन हो गया। कार्तिक उईके एक सम्मानित शिक्षक थे, जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित की थी। उनके तीन पुत्र और एक पुत्री थी, जिनमें से हीरा राम उईके उनके ज्येष्ठ पुत्र थे। हीरा राम भी शिक्षक थे और अपने क्षेत्र में काफी प्रतिष्ठित थे। उनके दो पुत्र एमबीबीएस डॉक्टर हैं और उनका परिवार मेडिकल क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुका है।
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना उनके परिवार के लिए दोहरा दुख लेकर आई है, क्योंकि एक साथ पिता और पुत्र का निधन न केवल परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए भी गहरा आघात है। यह घटना सभी के दिलों को चीरती हुई शोक की लहर पैदा कर रही है।
एक साथ अंतिम संस्कार
आज दोनों का अंतिम संस्कार पूरे धार्मिक विधि-विधान से किया गया। उनके अंतिम संस्कार में स्वजातीय गण, आस-पास के गांवों के लोग और क्षेत्रीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित हुए और उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। समाज और क्षेत्र के लोग इस दुखद घटना से गहरे शोक में हैं और परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
suntimes 