फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया फ्लाइट भीषण टर्बुलेंस में फंसी, 15 यात्री और क्रू सदस्य घायल
फुकेट-दिल्ली उड़ान के दौरान अचानक तेज हवा के झटकों से विमान बुरी तरह हिला, डीजीसीए ने शुरू की जांच; घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
थाईलैंड के फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की एक उड़ान मंगलवार को तेज टर्बुलेंस की चपेट में आ गई, जिससे विमान में सवार यात्रियों और चालक दल के सदस्यों में अफरा-तफरी मच गई। हवा के तेज झटकों के दौरान विमान अचानक नीचे आया और कई यात्रियों को चोटें लगीं। हालांकि पायलट की सूझबूझ से विमान को सुरक्षित दिल्ली एयरपोर्ट पर उतार लिया गया। घटना में 15 लोग घायल हुए हैं, जबकि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
नई दिल्ली (ए)। फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI2379 मंगलवार सुबह अचानक भीषण टर्बुलेंस की चपेट में आ गई। तेज हवा के झटकों के कारण विमान कुछ समय के लिए तेजी से नीचे आया और जोरदार कंपन के चलते यात्रियों में दहशत फैल गई। इसके बावजूद पायलट ने स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा और विमान को सुबह करीब 11:30 बजे सुरक्षित दिल्ली एयरपोर्ट पर उतार दिया।
विमान में कुल 134 यात्री और 8 क्रू सदस्य सवार थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 11 यात्री और 4 क्रू सदस्य घायल हुए हैं। सभी घायलों को तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई, जबकि कुछ को बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
यात्रियों ने बयां किया डरावना मंजर
फ्लाइट में मौजूद यात्रियों के अनुसार उड़ान भरने के लगभग डेढ़ घंटे बाद अचानक तेज झटके शुरू हुए। अधिकांश यात्री उस समय सो रहे थे। विमान लगातार दो से तीन मिनट तक जोर-जोर से हिलता रहा, जिससे कई यात्री अपनी सीटों से उछल गए। कई लोगों के सिर, कंधे, गर्दन और पैरों में चोटें आईं।
विमान के अंदर भी हुआ नुकसान
टर्बुलेंस का असर विमान के अंदर भी दिखाई दिया। विमान की छत (सीलिंग) के कुछ पैनलों में दरारें आ गईं, जबकि केबिन के अंदर सामान बिखर गया। घायल यात्रियों और क्रू सदस्यों को एयरपोर्ट मेडिकल सेंटर में प्राथमिक उपचार देने के बाद जरूरत के अनुसार अस्पताल भेजा गया।
डीजीसीए ने शुरू की जांच
घटना के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में मौसम की स्थिति, विमान की तकनीकी जानकारी और उड़ान के दौरान हुई घटनाओं का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा।
क्या होता है टर्बुलेंस?
टर्बुलेंस वह स्थिति होती है, जब वातावरण में हवा का प्रवाह अचानक बदल जाता है। इससे विमान को तेज झटके महसूस होते हैं और वह कुछ समय के लिए ऊपर-नीचे या दाएं-बाएं हिल सकता है। अधिकांश मामलों में यह सामान्य उड़ान प्रक्रिया का हिस्सा होता है और आधुनिक विमान ऐसे झटकों को सहने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना
विशेषज्ञों के अनुसार आधुनिक विमानों में अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली होती है और पायलटों को टर्बुलेंस जैसी परिस्थितियों से सुरक्षित ढंग से निपटने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। इसलिए गंभीर टर्बुलेंस के बावजूद विमान दुर्घटना की संभावना बेहद कम रहती है, हालांकि सीट बेल्ट बांधकर रखना हमेशा सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक माना जाता है।
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