बच्चों की गेमिंग बन सकती है बैंक खाते के लिए खतरा

फ्री रिवॉर्ड और गेम अपडेट के नाम पर फर्जी लिंक का जाल; बिना समझे दी गई परमिशन से बढ़ सकता है भुगतान का जोखिम

बच्चों की गेमिंग बन सकती है बैंक खाते के लिए खतरा

रायपुर। मोबाइल गेम बच्चों के मनोरंजन का साधन है, लेकिन ऑनलाइन गेमिंग में छोटी सी लापरवाही परिवार के बैंक खाते पर भारी पड़ सकती है। गेम में अतिरिक्त कॉइन, डायमंड, बोनस या रिवॉर्ड हासिल करने के दौरान बच्चे अनजाने में ऐसे विकल्प स्वीकार कर सकते हैं, जिनसे भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। रायपुर में ऐसे मामलों में 6 लोगों ने साइबर सेल से शिकायत की है। शिकायतों में बैंक खाते से यूपीआई के जरिए रकम कटने की जानकारी सामने आई है।

फ्री कॉइन से लेकर गेम अपडेट तक, ठगी के कई तरीके

साइबर अपराधी बच्चों को आकर्षित करने के लिए फ्री कॉइन, बोनस, रिवॉर्ड और सस्ते गेमिंग फीचर का लालच दे सकते हैं। इसके लिए मोबाइल पर लिंक भेजे जाते हैं। लिंक खोलने पर संदिग्ध वेबसाइट या एप सामने आ सकता है। बच्चा बिना पूरी जानकारी पढ़े डाउनलोड या परमिशन की प्रक्रिया पूरी कर दे तो भुगतान से जुड़ा जोखिम बढ़ जाता है।

कब बढ़ता है खाते से पैसे कटने का खतरा?

सिर्फ गेम खोलने या खेलने से बैंक खाते से यूपीआई भुगतान नहीं हो जाता। सामान्य यूपीआई ट्रांजेक्शन में पिन की जरूरत होती है। लेकिन सेव किए गए भुगतान माध्यम, पहले से सक्रिय ऑटो-पे या ई-मैंडेट, संदिग्ध एप और फर्जी लिंक के कारण जोखिम पैदा हो सकता है। इसलिए बच्चों के मोबाइल में गेमिंग के साथ भुगतान संबंधी सेटिंग पर भी नजर रखना जरूरी है।

पैसे कटने के संभावित रास्ते

इन-एप खरीदारी: कॉइन, डायमंड या दूसरे डिजिटल आइटम खरीदते समय भुगतान विकल्प खुल सकता है।

सेव पेमेंट: पहले से सेव भुगतान माध्यम होने पर खरीदारी की प्रक्रिया आसान हो सकती है।

ऑटो-पे और ई-मैंडेट: पहले से मंजूर भुगतान व्यवस्था की शर्तों के अनुसार रकम कट सकती है।

फर्जी लिंक: रिवॉर्ड या फ्री कॉइन के नाम पर भेजे गए लिंक उपयोगकर्ता को संदिग्ध भुगतान पेज तक ले जा सकते हैं।

अनजान एपीके: बाहर से डाउनलोड की गई एपीके फाइल के जरिए संदिग्ध एप मोबाइल में पहुंच सकता है।

रिमोट एक्सेस: स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस एप के जरिए मोबाइल की गतिविधियों तक पहुंच बनाने की कोशिश हो सकती है।

बच्चों के फोन में ये सुरक्षा सेटिंग जरूर रखें

गेम की खरीदारी के लिए अभिभावक की अनुमति अनिवार्य करें।

किसी भी अनजान लिंक से एप डाउनलोड न करने दें।

गेम में भुगतान माध्यम सेव न रखें।

यूपीआई एप में ऑटो-पे और ई-मैंडेट समय-समय पर जांचें।

हर ऑनलाइन खरीदारी पर पिन, पासवर्ड या बायोमेट्रिक सुरक्षा रखें।

किसी अनजान एप को बैंक, एसएमएस या स्क्रीन शेयरिंग जैसी संवेदनशील परमिशन न दें।

फ्री रिवॉर्ड और कॉइन के लालच में भेजे गए लिंक से सावधान रहें।

बैंक खाते के सभी ट्रांजेक्शन अलर्ट सक्रिय रखें।

रकम कटने पर तुरंत क्या करें?

खाते से अनजान ट्रांजेक्शन होने पर सबसे पहले बैंक स्टेटमेंट और ट्रांजेक्शन की जानकारी देखें। इसके बाद यूपीआई एप में सक्रिय ऑटो-पे, ई-मैंडेट और सेव पेमेंट विकल्पों की जांच करें। संदिग्ध गेम या एप को हटाने के साथ यह भी सुनिश्चित करें कि उससे जुड़ी कोई भुगतान व्यवस्था सक्रिय न रह गई हो। अनजान एपीके या संदिग्ध एप का मामला हो तो विशेषज्ञ से मोबाइल की सुरक्षा जांच कराएं।