लाइसेंस से परमिट तक बढ़ा खर्च, बसों के शुल्क में चार गुना इजाफा
परिवहन विभाग ने बदली पुरानी शुल्क व्यवस्था; परमिट में देरी पर अलग-अलग चरण में बढ़ेगा भुगतान, किसानों और एससी-एसटी वर्ग को रियायत
रायपुर। राज्य में परिवहन विभाग से जुड़ी सेवाएं अब पहले के मुकाबले महंगी हो गई हैं। विभाग ने लंबे अंतराल के बाद लाइसेंस, परमिट और अन्य परिवहन सेवाओं की शुल्क दरों में संशोधन किया है। नई व्यवस्था के तहत डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस, नवीनीकरण, ड्राइविंग बैज और मेडिकल प्रमाण-पत्र समेत कई सेवाओं का शुल्क बढ़ाया गया है। बस परमिट के लिए अब 2,500 रुपए के बजाय 10 हजार रुपए देने होंगे। नई दरें राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ प्रभावी हो गई हैं।
परिवहन से जुड़े कामों के लिए बढ़ेगा खर्च
नई फीस का सीधा असर वाहन मालिकों और परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों पर पड़ेगा। यात्री वाहन, टैक्सी, मालवाहक वाहन और अन्य व्यावसायिक वाहनों के परमिट से जुड़े काम अब अधिक खर्चीले होंगे। नया परमिट लेने के अलावा नवीनीकरण, परमिट में बदलाव, वाहन प्रतिस्थापन और वाहन स्वामित्व में परिवर्तन जैसी प्रक्रियाओं के लिए भी संशोधित शुल्क लागू किया गया है।
परमिट की तारीख चूकी तो जेब पर ज्यादा बोझ
विभाग ने परमिट के विलंबित नवीनीकरण के लिए अलग-अलग अवधि के आधार पर शुल्क निर्धारित किया है। परमिट समाप्त होने के बाद 90 दिन तक की देरी के लिए अलग शुल्क लगेगा। 180 दिन और 365 दिन तक की देरी के बाद यह राशि बढ़ती जाएगी। 365 दिन से अधिक समय बीतने पर भी अतिरिक्त शुल्क का प्रावधान है। ऐसे में परमिट धारकों के लिए समय पर नवीनीकरण कराना आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण होगा।
डुप्लीकेट लाइसेंस और मेडिकल सर्टिफिकेट भी महंगे
नई शुल्क सूची में सामान्य वाहन चालकों से जुड़ी सेवाओं को भी शामिल किया गया है। लाइसेंस की डुप्लीकेट प्रति हासिल करने, लाइसेंस रिन्यू कराने, ड्राइविंग बैज बनवाने और चिकित्सा प्रमाण-पत्र लेने के लिए अब संशोधित दर से भुगतान करना होगा। लंबे समय से चली आ रही पुरानी दरों में बदलाव के बाद इन सेवाओं पर आवेदकों का खर्च बढ़ेगा।
कुछ आवेदकों को फीस में छूट
नई व्यवस्था में किसानों और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के आवेदकों के लिए राहत का प्रावधान रखा गया है। अपने नाम से पंजीकृत ट्रैक्टर या ट्रॉली के संबंधित परमिट की प्रक्रिया कराने वाले किसानों से शुल्क नहीं लिया जाएगा। एससी और एसटी वर्ग के आवेदकों को निर्धारित शुल्क का आधा भुगतान करना होगा। इस रियायत का लाभ लेने के लिए संबंधित प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।
राजपत्र में प्रकाशन के बाद नई दर लागू
परिवहन विभाग ने संशोधित शुल्क को राजपत्र में प्रकाशित कर दिया है। प्रकाशन की तारीख से नई दरें लागू हो गई हैं। इसके बाद विभाग की सेवाओं के लिए आवेदन करने वाले लोगों से संशोधित शुल्क ही लिया जाएगा।
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