1 नवंबर से रायपुर में लागू होगी पुलिस कमिश्नरी प्रणाली: पुलिस को मिलेंगे कलेक्टर जैसे अधिकार, क्राइम कंट्रोल पर बड़ा असर

छत्तीसगढ़ का पहला जिला बनेगा रायपुर, 7 सीनियर IPS अफसरों की कमेटी ड्राफ्ट तैयार कर रही; सफल रहा पायलट तो अन्य जिलों में भी लागू होगी व्यवस्था

1 नवंबर से रायपुर में लागू होगी पुलिस कमिश्नरी प्रणाली: पुलिस को मिलेंगे कलेक्टर जैसे अधिकार, क्राइम कंट्रोल पर बड़ा असर

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर 1 नवंबर से पुलिसिंग के नए दौर में कदम रखेगी। राज्य सरकार ने यहां पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था से पुलिस को कलेक्टर जैसे अधिकार मिलेंगे, जिससे कानून-व्यवस्था संभालने में तेजी और अपराध नियंत्रण में मजबूती आएगी।

रायपुर। राजधानी रायपुर छत्तीसगढ़ का पहला जिला बनने जा रहा है, जहां 1 नवंबर 2025 से पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू होगी। इस प्रणाली से पुलिस को कलेक्टर जैसे अधिकार मिलेंगे। यानी अब पुलिस सीधे मजिस्ट्रेट की तरह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर सकेगी और गुंडा एक्ट से लेकर रासुका तक की कार्रवाई खुद के स्तर पर तय कर सकेगी।

इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए डीजीपी अरुण देव गौतम ने 7 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की टीम बनाई है। एडीजी प्रदीप गुप्ता को ड्राफ्टिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। कमेटी में नारकोटिक्स आईजी अजय यादव, रायपुर रेंज आईजी अमरेश मिश्रा, आईजी ध्रुव गुप्ता, डीआईजी अभिषेक मीणा, डीआईजी संतोष सिंह और एसपी प्रभात कुमार शामिल हैं। ये अधिकारी अन्य राज्यों में लागू कमिश्नरी सिस्टम का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 15 अगस्त को राजधानी में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने की घोषणा की थी। इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर रायपुर में शुरू किया जाएगा। सफलता मिलने पर बिलासपुर, दुर्ग सहित अन्य बड़े जिलों में भी लागू करने पर विचार किया जाएगा।

क्या होगा बड़ा बदलाव?
कमिश्नरी सिस्टम में पुलिस को कलेक्टर जैसे प्रशासनिक अधिकार मिलते हैं। अब होटल, बार और हथियारों के लाइसेंस जारी करने, धरना-प्रदर्शन की अनुमति देने, दंगे-फसाद में बल प्रयोग और जमीन विवाद सुलझाने जैसे कई निर्णय पुलिस स्तर पर ही हो जाएंगे। इससे कलेक्टर कार्यालय का बोझ घटेगा और त्वरित कार्रवाई संभव होगी।

कौन-कौन से पद होंगे?
कमिश्नर प्रणाली में पुलिस कमिश्नर (CP), संयुक्त पुलिस आयुक्त (Jt. CP), अपर पुलिस आयुक्त (Addl. CP), पुलिस उपायुक्त (DCP), अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (Addl. DCP), सहायक पुलिस आयुक्त (ACP), पुलिस निरीक्षक (PI/SHO), उप-निरीक्षक (SI) और कॉन्स्टेबल तक की रैंकिंग शामिल होती है।