मध्य भारत से हिमालय तक मानसून का प्रहार, छह राज्यों में बाढ़ और जलभराव के हालात

भोपाल में सात इंच से अधिक बारिश, यूपी में गंगा ने निगले 25 मकान; राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र में रिकॉर्ड वर्षा

मध्य भारत से हिमालय तक मानसून का प्रहार, छह राज्यों में बाढ़ और जलभराव के हालात

नई दिल्ली (ए)। मानसून ने देश के मध्य और उत्तरी हिस्सों में रौद्र रूप धारण कर लिया है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई शहरों में जलभराव, नदी कटाव और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है, जबकि मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है।

भोपाल पानी-पानी, हजार से अधिक घर प्रभावित

भोपाल में लगातार दूसरे दिन भी तेज बारिश जारी रही। पिछले 24 घंटे में सात इंच से अधिक वर्षा दर्ज होने से शहर के कई निचले इलाकों में पांच फीट तक पानी भर गया। करीब एक हजार से अधिक मकान जलभराव से प्रभावित हुए हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों में दो दिन की छुट्टी घोषित कर दी है।

उत्तर प्रदेश में गंगा-यमुना उफान पर, कई गांवों का संपर्क टूटा

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हो रही भारी बारिश का असर उत्तर प्रदेश में साफ दिखाई दे रहा है। गंगा, यमुना समेत दस नदियां उफान पर हैं। फर्रुखाबाद और बिजनौर में गंगा का पानी हाईवे के ऊपर बह रहा है, जिससे कई मार्ग बाधित हो गए हैं। लगभग 40 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं और फर्रुखाबाद में नदी कटाव के कारण 25 मकान गंगा में समा चुके हैं।

राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र में सबसे अधिक बारिश

राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने छह जिलों के लिए ऑरेंज और 17 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटे में कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ सहित हाड़ौती क्षेत्र में 12 इंच तक वर्षा दर्ज की गई। कालीसिंध और छापी बांध के गेट खोले जाने के बाद निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।

सक्रिय लो-प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ बना वजह

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में बना लो-प्रेशर एरिया तथा सक्रिय मानसून ट्रफ इस समय भारी बारिश का प्रमुख कारण हैं। इनके प्रभाव से मध्य प्रदेश, राजस्थान और आसपास के इलाकों में वर्षा की तीव्रता बनी हुई है।

बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम, बारिश का दौर अभी जारी रहेगा

उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में एक और मौसम तंत्र सक्रिय हो रहा है, जिसके 12 अगस्त के आसपास लो-प्रेशर एरिया में बदलने की संभावना है। इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में फिर से भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक मध्य और पूर्वी भारत में व्यापक वर्षा गतिविधियां बनी रहेंगी।