मुख्यमंत्री साय ने आदिवासी विद्यार्थियों को दी 6.2 करोड़ की छात्रवृत्ति, ‘आदि सेवा पखवाड़ा’ का किया शुभारंभ
सड्डू के प्रयास आवासीय विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम, मोदी जन्मदिवस पर प्रदेशभर में जनजातीय सशक्तिकरण का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर छत्तीसगढ़ में जनजातीय विकास और शिक्षा को नई दिशा देने वाला अभियान शुरू हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को राजधानी रायपुर के सड्डू स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय में ‘आदि सेवा पखवाड़ा’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने 8,370 विद्यार्थियों को 6 करोड़ 2 लाख रुपये की छात्रवृत्ति एवं भोजन सहायता राशि का ऑनलाइन अंतरण किया और विद्यार्थियों के साथ भोजन कर आत्मीय संवाद भी किया।
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर छत्तीसगढ़ में ‘आदि सेवा पखवाड़ा’ की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को राजधानी रायपुर स्थित सड्डू के प्रयास आवासीय विद्यालय में कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि “आदि कर्मयोगी अभियान” जनजातीय समाज के जमीनी बदलाव का वाहक बनेगा। उन्होंने प्रदेश की तीन करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उनके दीर्घायु जीवन की कामना की।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास एवं पिछड़ा वर्ग विभाग की योजनाओं के अंतर्गत प्रदेशभर के आश्रम-छात्रावासों में अध्ययनरत 8,370 विद्यार्थियों को कुल 6 करोड़ 2 लाख 19 हजार रुपये की छात्रवृत्ति एवं भोजन सहायता राशि का ऑनलाइन अंतरण किया।
जनजातीय गांवों का विजन डाक्यूमेंट
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभियान के तहत सभी जनजातीय गांवों का “ट्राइबल विजन डाक्यूमेंट 2030” तैयार किया जाएगा, जो दीर्घकालीन विकास का रोडमैप बनेगा। आगामी 2 अक्टूबर को आयोजित ग्राम सभाओं में इसे अनुमोदन के लिए रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि देशभर में 20 लाख वालंटियर तैयार करने का लक्ष्य है, जिनमें से छत्तीसगढ़ के 6,650 गांवों में 1 लाख 33 हजार वालंटियर सक्रिय किए जाएंगे। ग्रामीणों को शासन की सेवाओं से जोड़ने के लिए “आदि सेवा केंद्रों” की स्थापना की जा रही है।
जनजातीय नायकों की स्मृतियां संरक्षित
सीएम साय ने कहा कि राज्य सरकार शहीद वीरनारायण सिंह और गुंडाधुर जैसे जनजातीय नायकों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ रही है। नवा रायपुर में उनके स्मृति संग्रहालय का निर्माण हो रहा है, जबकि ट्राइबल म्यूजियम में जनजातीय संस्कृति की जीवंत झलक प्रदर्शित की गई है।
विद्यार्थियों के साथ आत्मीय क्षण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसर में “एक पेड़ मां के नाम 2.0” अभियान के तहत जामुन का पौधा रोपा। बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग और रंगोली का अवलोकन कर उनकी प्रतिभा की सराहना की। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री को उनकी ही बनाई एक पेंटिंग भेंट की।
मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के छात्र किशन बैगा और छात्रा अंजुला बैगा को अपने पास बैठाया और उनके साथ दाल-भात, मुनगा की सब्जी और पूड़ी का स्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने बच्चों से आत्मीय बातचीत की और मन लगाकर पढ़ाई करने की प्रेरणा दी।
नेताओं ने बताई महत्वाकांक्षा
इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि यह अभियान प्रधानमंत्री मोदी की दूरदृष्टि का परिणाम है और इससे 11 करोड़ आदिवासियों का विकास सुनिश्चित होगा। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास की भावना पर आधारित यह अभियान जनजातीय समाज को नई दिशा देगा।
suntimes 