रायपुर में स्मृति का नया लक्ष्य, टीम के प्रदर्शन का स्तर ऊंचा उठाने पर जोर

भारत-जिम्बाब्वे टी-20 सीरीज आज से, मंधाना बोलीं- कप्तानी का असर बल्लेबाजी पर नहीं पड़ेगा; वर्ल्ड कप से पहले छह मैचों में तैयारी परखने का मौका

रायपुर में स्मृति का नया लक्ष्य, टीम के प्रदर्शन का स्तर ऊंचा उठाने पर जोर

रायपुर। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कमान संभालने के बाद स्मृति मंधाना की नजर अब टीम को नए स्तर पर ले जाने पर है। जिम्बाब्वे के खिलाफ शुरू होने जा रही टी-20 सीरीज से पहले उन्होंने कहा कि कप्तानी के कारण उनके बल्लेबाजी करने के तरीके में कोई बदलाव नहीं आएगा। उनका ध्यान पहले की तरह रन बनाने और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने पर रहेगा। स्मृति के मुताबिक, अगले तीन महीने टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इसी दौरान आगामी बड़े टूर्नामेंटों के लिए रणनीति और प्रदर्शन के मानक तय किए जाएंगे।

हरमनप्रीत के अनुभव से मिलेगी मदद

स्मृति ने बताया कि कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपे जाने की जानकारी उन्हें उसी दिन मिली, जिस दिन इसकी खबर सामने आई। टीम की बैठक में भविष्य की तैयारियों पर चर्चा हुई थी। उन्होंने पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर के लंबे नेतृत्व अनुभव को अहम बताया और कहा कि आने वाले वर्षों में होने वाले बड़े टूर्नामेंटों को ध्यान में रखकर टीम की योजनाओं पर विचार किया गया है।

कोच और हरमनप्रीत के साथ हुई चर्चा में टीम की दिशा, तैयारी और आगामी चुनौतियों को लेकर विचार-विमर्श हुआ। स्मृति का मानना है कि टीम को केवल परिणामों पर ध्यान देने के बजाय अपने खेल के तरीके में निरंतर सुधार करना होगा।

क्रीज पर उतरते ही बल्लेबाज की भूमिका में रहेंगी

कप्तानी के दबाव को लेकर स्मृति ने स्पष्ट किया कि बल्लेबाजी करते समय वह खुद को मुख्य रूप से बल्लेबाज के रूप में देखेंगी। फील्डिंग के दौरान टीम का नेतृत्व करना उनकी जिम्मेदारी होगी, लेकिन क्रीज पर उनका ध्यान गेंद को समझने, सही शॉट खेलने और रन जुटाने पर रहेगा।

उन्होंने अपने शुरुआती क्रिकेट दिनों का जिक्र करते हुए बताया कि उनके कोच ने 15 वर्ष की उम्र में ही उन्हें जिम्मेदारी के साथ खेलने की सीख दी थी। इस सलाह ने उन्हें अपने खेल में आत्मविश्वास बनाए रखने में मदद की। स्मृति ने कहा कि गेंद उनके शॉट खेलने के दायरे में होगी, तो वह उसे खेलने से नहीं हिचकेंगी।

टी-20 में छोटी गलतियां दूर करने की तैयारी

भारतीय टीम पिछले दो टी-20 विश्व कप में नॉकआउट चरण तक नहीं पहुंच पाई थी। स्मृति ने इसे निराशाजनक अनुभव बताया, लेकिन साथ ही भरोसा जताया कि टीम में अच्छा प्रदर्शन करने की पूरी क्षमता है। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी, गेंदबाजी, क्षेत्ररक्षण और फिटनेस में छोटे-छोटे सुधार टीम के नतीजों पर बड़ा असर डाल सकते हैं।

टीम इन सभी विभागों में लगभग 10 प्रतिशत सुधार करने के लक्ष्य के साथ तैयारी कर रही है। आने वाली सीरीज खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन करने और कमजोरियों को दूर करने का अवसर देगी।

रायपुर में ओस बन सकती है चुनौती

स्मृति ने रायपुर की पिच को बल्लेबाजी के लिए अनुकूल बताते हुए कहा कि शाम के समय ओस का प्रभाव गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ा सकता है। ऐसे में टीम संयोजन और रणनीति बनाते समय इन परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाएगा। गेंद पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए गेंदबाजों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ सकती है।

उन्होंने बताया कि आगामी बड़े टूर्नामेंट से पहले भारतीय टीम को छह टी-20 मुकाबले खेलने हैं। इन मैचों में टीम अपनी रणनीति को परखने और अलग-अलग परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने की कोशिश करेगी।

जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज से बनेगी आगे की राह

स्मृति ने जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज को टीम के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, भारतीय खिलाड़ी कई बार खेल की तकनीक और रणनीति पर इतना ध्यान केंद्रित कर लेते हैं कि मैदान पर खेल का आनंद लेना भूल जाते हैं। जिम्बाब्वे सहित एसोसिएट देशों की टीमों से सहजता के साथ खेलने और खेल का आनंद लेने की सीख भी मिल सकती है।

भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमों के बीच तीन टी-20 मुकाबले 16, 18 और 20 अक्टूबर को खेले जाएंगे। सभी मैच शाम 7 बजे नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में शुरू होंगे। इस सीरीज में भारतीय टीम के प्रदर्शन के साथ नई कप्तान की रणनीति पर भी दर्शकों की नजर रहेगी।