शिवनाथ उफान पर, दुर्ग में रातभर चला रेस्क्यू; 160 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला
परसदा में घरों तक पहुंचा बाढ़ का पानी, अमलेश्वर में भी 15 लोगों को बचाया गया; बाइक समेत बहा युवक सुरक्षित
दुर्ग-भिलाई। दुर्ग जिले में बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद शिवनाथ नदी का जलस्तर लगातार बढ़ा हुआ है। परसदा गांव में बाढ़ का पानी आबादी वाले क्षेत्र तक पहुंचने के बाद ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने के लिए नगर सेना और एसडीआरएफ ने रातभर अभियान चलाया। इस दौरान 160 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अमलेश्वर क्षेत्र में भी 15 लोगों का रेस्क्यू किया गया।
शिवनाथ नदी के बढ़ते जलस्तर ने दुर्ग जिले के नदी किनारे और निचले इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। कुम्हारी थाना क्षेत्र के परसदा गांव में बाढ़ का पानी बस्तियों तक पहुंचने के बाद कई परिवार फंस गए थे। सूचना मिलते ही बचाव दल सक्रिय हुआ और मोटर बोट की मदद से लोगों को सुरक्षित निकालने का काम शुरू किया गया।
25 सितंबर की रात करीब 11:15 बजे बाढ़ की सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ की टीम आवश्यक संसाधनों के साथ परसदा पहुंची। रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक चले अभियान में 50 से 55 लोगों को बाहर निकाला गया। इसके बाद सुबह 5:30 से 7:30 बजे तक बचाव अभियान के दूसरे चरण में करीब 60 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। पूरे अभियान में 160 से अधिक ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला गया।
बचाव अभियान के दौरान बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को प्राथमिकता दी गई। प्रशासन के अनुसार अब तक किसी व्यक्ति की जान जाने की सूचना नहीं है।
पानी की आवक घटाई, फिर भी खतरा बरकरार
सिंचाई विभाग के कार्यपालन अभियंता आशुतोष शारश्वत के अनुसार 26 सितंबर की सुबह 7 बजे तक राजनांदगांव के चार बैराजों से 20,090 क्यूसेक पानी शिवनाथ नदी में छोड़ा गया। पहले यह मात्रा करीब 24 हजार क्यूसेक थी। पानी की निकासी कम किए जाने के बावजूद नदी का जलस्तर ऊंचा होने के कारण निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
तांदुला और खरखरा से भी शिवनाथ में पानी
महमरा एनीकट में पानी करीब 12 फीट ऊपर चल रहा है। बालोद जिले के तांदुला और खरखरा जलाशय भी ओवरफ्लो की स्थिति में हैं। तांदुला के वेस्ट वियर से करीब 1,500 क्यूसेक और खरखरा से करीब 300 क्यूसेक पानी शिवनाथ में आ रहा है। इसके चलते नदी के आसपास के गांवों में खतरा बना हुआ है।
विसर्जन पर लगाई रोक
शिवनाथ नदी के पुराने पुल के आसपास होने वाला गणेश विसर्जन कार्यक्रम फिलहाल रोक दिया गया है। प्रशासन ने नदी में तेज बहाव और बढ़े जलस्तर को देखते हुए यह निर्णय लिया। नायब तहसीलदार वासुमित्र दीवान के अनुसार पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर तैनात है। जलस्तर घटने और हालात सुरक्षित होने के बाद ही विसर्जन की अनुमति दी जाएगी।
कलेक्टर अभिजीत सिंह और अपर कलेक्टर हरबंस मीरी ने भी मौके पर पहुंचकर जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बचाव एवं राहत व्यवस्था की जानकारी ली।
बाइक बहने के बाद पुलिस ने बचाई जान
उतई क्षेत्र में ग्राम पाऊवारा निवासी लोकेश्वर साहू तेज बहाव की चपेट में आ गए। वह बाइक समेत पानी में बहने लगे। सूचना मिलते ही उतई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि उसकी होंडा साइन बाइक पानी के बहाव में बह गई।
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