शिव डहरिया का बीजेपी पर हमला, बोले- बीजेपी का भविष्य उतना आसान नहीं

शिव डहरिया का बीजेपी पर हमला, बोले- बीजेपी का भविष्य उतना आसान नहीं

पांच राज्यों के चुनाव परिणामों पर पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने भाजपा के स्ट्राइक रेट पर सवाल उठाते हुए कई राज्यों के नतीजों को लेकर बड़ा बयान दिया।

पांच राज्यों के चुनावी नतीजों के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। इसी बीच छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने भाजपा नेताओं के “स्ट्राइक रेट” पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी अपनी जीत को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है, जबकि वास्तविकता कुछ और ही है।

चुनाव परिणामों पर डहरिया का तर्क

शिव डहरिया ने कहा कि जिन राज्यों में भाजपा अपनी सफलता का दावा कर रही है, उनमें से असम और पुडुचेरी पहले से ही उसके पास थे। ऐसे में इन राज्यों के नतीजों को नई उपलब्धि के रूप में पेश करना सही नहीं है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के नतीजों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि वहां ममता बनर्जी की हार हुई है, कांग्रेस की नहीं। वहीं तमिलनाडु में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है और वहां की राजनीतिक स्थिति अलग दिशा में जा रही है, जहां क्षेत्रीय दलों का प्रभाव ज्यादा दिख रहा है।

केरल के संदर्भ में उन्होंने कहा कि वहां कांग्रेस को बड़ी सफलता मिली है, जो यह दर्शाता है कि पार्टी अभी भी कई राज्यों में मजबूत स्थिति में है। डहरिया के मुताबिक, भाजपा का “ऑल इंडिया डॉमिनेशन” का दावा पूरी तरह सटीक नहीं है और कई जगहों पर उसे कड़ी चुनौती मिल रही है।

बीजेपी के आरोपों पर पलटवार

भाजपा द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए उस दावे पर भी डहरिया ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि जहां-जहां भूपेश बघेल गए, वहां कांग्रेस को नुकसान हुआ। इस पर उन्होंने कहा कि देशभर में वामपंथी दलों का प्रभाव लगातार कम हो रहा है और आने वाले समय में भाजपा खुद भी सीमित सीटों के लिए संघर्ष करती नजर आ सकती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कांग्रेस को “अर्बन नक्सल” कहे जाने और उपमुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा उस बयान का समर्थन किए जाने पर डहरिया ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके नेता कई बार ऐसे बयान देते हैं, जिनका स्पष्ट अर्थ खुद उन्हें भी समझ नहीं आता। उनके अनुसार, इस तरह की बयानबाज़ी से राजनीतिक माहौल और ज्यादा ध्रुवीकृत होता है।

कांग्रेस मुक्त भारत” बयान पर प्रतिक्रिया

भाजपा नेता पुरंदर मिश्रा द्वारा कांग्रेस को श्राप देने और “कांग्रेस मुक्त भारत” की बात कहने पर भी डहरिया ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयानों पर ज्यादा टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ऐसे दावे पहले भी किए जाते रहे हैं, लेकिन हकीकत में कांग्रेस आज भी एक प्रमुख राजनीतिक ताकत बनी हुई है।

डहरिया ने यह भी कहा कि पुरंदर मिश्रा खुद पहले कांग्रेस का हिस्सा रह चुके हैं, इसलिए उनके बयानों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसे नेताओं के विचार समय के साथ बदलते रहते हैं और वे कभी भी किसी भी दल का रुख कर सकते हैं।

राजनीतिक माहौल में बढ़ती तीखापन

चुनाव परिणामों के बाद जिस तरह से आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हुआ है, उससे साफ है कि आने वाले समय में राजनीतिक माहौल और भी गरमाने वाला है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने दावे और तर्कों के साथ जनता के सामने अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

बता दें शिव डहरिया के बयान भाजपा के दावों को चुनौती देने की कोशिश के रूप में देखे जा रहे हैं। जहां भाजपा अपनी रणनीति और नीतियों को जीत का कारण बता रही है, वहीं कांग्रेस नेता इसे अलग नजरिए से पेश कर रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले चुनावों में इन दावों और बयानों का जनता पर क्या असर पड़ता है और राजनीतिक समीकरण किस दिशा में जाते हैं।