सभी विभागों में ठप रहा काम, हड़ताल में अधिकारियों को भी बाहर रोका गया

सभी विभागों में ठप रहा काम, हड़ताल में अधिकारियों को भी बाहर रोका गया

कर्मचारियों की तीन दिनी हड़ताल के कारण सरकार के दूसरे सबसे बड़े विभाग संचालनालय इंद्रावती भवन में कामकाज पूरी तरह ठप रहा।

कर्मचारियों की तीन दिनी हड़ताल के कारण सरकार के सबसे बड़े दूसरे विभाग संचालनालय इंद्रावती भवन में कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। इंद्रावती भवन के सभी विभाग में ताले लटके रहे। हड़ताल के चलते विभाग प्रमुखों को भी अंदर जाने नहीं दिया गया।

 

अधिकारियों को भी दफ्तर जाने से किया इनकार

वहीं, कामकाज के सिलसिले में इंद्रावती भवन आने वाले लोगों को भी निराशा हाथ लगी। कुछ देर तक इंतजार करने के बाद वापस लौटते दिखे। नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन जहां सरकार के सभी एचओडी बैठते हैं। वहां सुबह से कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले कर्मचारी नारेबाजी कर रहे थे।

सुबह 10.30 से अधिकारियों के आने का सिलसिला भी शुरू हो गया, लेकिन वहां हड़ताल पर बैठे फेडेरेशन के पदाधिकारियों और कर्मचारी नेताओं ने किसी भी अफसर को अंदर जाने नहीं दिया। सभी यही कह रहे थे कि हड़ताल है इसलिए कोई भी अंदर नहीं जाएगा।

मोदी गारंटी लेकर रहेंगे के नारे

इंद्रावती भवन के गेट नंबर दो पर फेडरेशन के प्रमुख पदाधिकारी और कुछ कर्मचारी नेता सुबह से ही नारेबाजी कर रहे थे। सभी यही नारे लगा रहे थे कि साय सरकार मोदी गारंटी पूरा करो। घोषणा पत्र में किए कर्मचारियों के वादे पूरे करो।

फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने कहा, फेडरेशन के बैनर तले विभिन्न कर्मचारी संगठनों की तीन दिनी हड़ताल की जा रही है। यदि साय सरकार कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं करती है आने वाले दिनों में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। प्रदेश की जनता को होने वाली परेशानियों के लिए साय सरकार की जिम्मेदारी होगी।

 

कर्मचारियों की हड़ताल का दिखा असर

तृतीय वर्ग कर्मचारियों की हड़ताल का असर रायपुर के सरकारी कार्यालयों में नजर आया। इससे कामकाज नहीं हो पाया। केवल अफसर फाइल निपटाते नजर आए। सोमवार को तहसील कार्यालय, कलेक्टर कार्यालय, रजिस्ट्री सहित अन्य सरकारी विभागों के तृतीय वर्ग के कर्मचारियों ने काम नहीं किया। सभी हड़ताल पर चले गए। इससे उन विभागों का कामकाज प्रभावित रहा।

 

नियमितीकरण व साथियों की बहाली के लिए अनियमित कर्मियों ने किया प्रदर्शन

 छत्तीसगढ़ के सरकारी कार्यालयों में कार्यरत अनियमित कर्मचारियों ने नियमितीकरण, निकाले गए कर्मचारियों की दोबारा बहाली सहित अन्य मांगों को लेकर नवा रायपुर स्थित तूता धरना स्थल में प्रदर्शन किया। इसके बाद इन कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा।

 

प्रदर्शनकारियों ने कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने, अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालीन करने, आउट सोर्सिंग, ठेका, समूह-समिति के माध्यम से नियोजन सिस्टम बंद करने की मांग की। प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ बिहान संयुक्त कैडर एवं कर्मचारी कल्याण संघ, पोटाकेबिन अनुदेशक/भृत्य कर्मचारी, छत्तीसगढ़ स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ विद्युत ठेका श्रमिक विकास जैसे संगठन शामिल हुए।

 

फेडरेशन की प्रमुख मांगें

केंद्र सरकार के समान कर्मचारियों एवं पेंशनरों को देय तिथि से महंगाई भत्ता (डीए) लागू किया जाए।

 

डीए एरियर्स की राशि कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में समायोजित की जाए।

 

सभी कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए।

 

लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने ङ्क्षपगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।

 

शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए संपूर्ण सेवा लाभ दिया जाए।

 

सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान दिया जाए। नगरीय निकाय के कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति दी जाए।

 

अनुकंपा नियुक्ति नियमों में 10 प्रतिशत सीलिंग में शिथिलीकरण की जाए।

 

प्रदेश में कैशलेश सुविधा लागू की जाए।

 

पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाए।

 

अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस किया जाए।

 

दैनिक, अनियमित, संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की ठोस नीति बने।

 

सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जाए।