सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर 12 लाख ऐंठे, दो गिरफ्तार
आरक्षक भर्ती कराने का दावा कर 2023 में ली थी रकम; नौकरी नहीं लगी तो पैसे मांगे, आरोपी टालते रहे
दुर्ग में पुलिस की नौकरी दिलाने के नाम पर तीन साल पहले की गई कथित ठगी का मामला अब पुलिस तक पहुंचा है। उतई थाना क्षेत्र में एक युवक की आरक्षक पद पर भर्ती कराने का भरोसा देकर 12 लाख रुपए लेने का आरोप है। शिकायत के बाद पुलिस ने बेमेतरा और बिलासपुर से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
दुर्ग-भिलाई। पुलिस के मुताबिक सेलूद निवासी गैंदलाल बंछोर ने थाने में शिकायत देकर बताया कि उनके बेटे विकास को पुलिस आरक्षक की नौकरी दिलाने के नाम पर ग्राम अतरिया निवासी उमेश दास मानिकपुरी ने 12 लाख रुपए लिए थे। परिवार ने नौकरी की उम्मीद में रकम दे दी, लेकिन भर्ती नहीं हुई।
समय गुजरने के बाद जब परिवार ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोप है कि रुपए वापस नहीं किए गए। इसके बाद परिवार ने पुलिस से शिकायत की। 20 अगस्त को शिकायत मिलने के बाद उतई पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू की।
लेन-देन की जांच से खुली कार्रवाई की राह
पुलिस ने शिकायत में बताए गए पैसों के लेन-देन और आरोपों से संबंधित जानकारी जुटाई। जांच के दौरान उमेश दास मानिकपुरी के साथ बिलासपुर निवासी राजेश वर्मा का नाम भी सामने आया।
पुलिस टीम ने दोनों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लेने से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
मोबाइल और बैंक रिकॉर्ड जांच में शामिल
मामले में पुलिस ने आरोपियों से जुड़े बैंक खातों की जानकारी हासिल की है। एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। पुलिस डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ रही है।
दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में पैसों के लेन-देन के अलावा अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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